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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Huge demand in pharma industry, now HPMC will make pectin from apple pulp

Himachal: फार्मा उद्योग में भारी मांग, अब सेब के पल्प से पेक्टिन बनाएगा एचपीएमसी

Sat, 16 Nov 2024 11:04 AM IST
Krishan Singh भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 16 Nov 2024 11:04 AM IST
सार

एचपीएमसी का वेस्ट मैटीरियल भी कम होगा। जूस, जैम को गाढ़ा करने में भी पेक्टिन का प्रयोग होता है। पहले चरण में एचपीएमसी ने इसके लिए 200 टन सेब रख लिया है। 

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Huge demand in pharma industry, now HPMC will make pectin from apple pulp
सैंज पराला में बना एचपीएमसी का प्लांट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एचपीएमसी पहली बार सेब के पल्प  (गूदा) से पेक्टिन बनाएगा। इसके लिए दो दिन में पराला में फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट में ट्रायल होगा। फार्मा उद्योग में दवाइयों के निर्माण में पेक्टिन की भारी डिमांड है। इससे जहां फार्मा उद्योग की मांग पूरी होगी। वहीं, एचपीएमसी का वेस्ट मैटीरियल भी कम होगा। जूस, जैम को गाढ़ा करने में भी पेक्टिन का प्रयोग होता है। पहले चरण में एचपीएमसी ने इसके लिए 200 टन सेब रख लिया है।  पराला में पेक्टिन बनाने के लिए मशीनरी लगाई गई है। ट्रायल के लिए पुणे से तकनीशियनों की टीम आएगी। टीम मशीन चलाकर पेक्टिन बनाकर दिखाएगी।

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इसके बाद बनाए गए पेक्टिन को बल्क और रिटेल में बेचा जाएगा। दवाइयों में केमिकल बहुत कम मात्रा में उपयोग किया जाता है। इमें फिलर की तरह पेक्टिन को इस्तेमाल किया जाता है। इसकी उद्योगों में भारी मांग रहती है। एचपीएमसी की ओर से पेक्टिन बनाने का मुख्य उद्देश्य प्लांट से निकलने वाले वेस्ट को कम करना है। इससे पहले सेब से जूस और वाइन बनाने के बाद इससे बचे हुए पल्प को फेंक दिया जाता था। अब इसका प्रयोग पेक्टिन बनाया जाएगा। पेक्टिन सेब के अवशेष और साइट्रस के छिलके से बनाया जाता है जो फलों के रस के उत्पादन के बाद बचा रहता है। 

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क्या है पेक्टिन 
 
पेक्टिन एक पॉलीसैकेराइड और पानी में घुलनशील फाइबर है जो पौधों की कोशिका भीत्ति का हिस्सा है। यह कई फलों, खासकर सेब और खट्टे फलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। पेक्टिन का उपयोग जैम,जूस और जैली को गाढ़ा करने में किया जाता है। यह चीनी और एसिड की उपस्थिति में बहुत गाढ़ा, स्पष्ट, चमकदार जैल बनाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और चीन में उच्च सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के साथ इसे तैयार किया जाता है।

एचपीएमसी पहली बार पराला प्लांट में पेक्टिन का पहला ट्रायल करने जा रहा है। इसके लिए लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पेक्टिन बनाने के बाद उसे फार्मा इंडस्ट्री में बेचा जाएगा। इससे प्लांट से निकलने वाले वेस्ट की मात्रा भी कम हो जाएगी।-सुदेश कुमार मोक्टा, प्रबंध निदेशक, एचपीएमसी

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