हद है, सीएम-मंत्रियों तक के आदेशों को नहीं मान रहा ये विभाग
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सूबे की अफसरशाही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आदेशों को ठेंगा दिखा रही है। दो तहसीलों को सुविधा पहुंचाने वाली सरकारी बस को मंजूरी ही नहीं दी गई है। इसके लिए सीएम दफ्तर समेत दो मंत्रियों के कार्यालयों से भी सिफारिश की जा चुकी है।
पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी सिफारिश कर चुके हैं लेकिन अफसरों ने सारी सिफारिशें ठुकरा दीं। मामला कोटखाई और ठियोग के सीमावर्ती एक दूरदराज इलाके जराई का है। यह क्षेत्र कोटखाई की देवगढ़ और ठियोग की कलींड पंचायतों के तहत है।
दो पंचायतों के लोग 2014 से लेकर अब तक यह मांग करते आए हैं कि उनके क्षेत्र के लिए बस का प्रावधान किया जाए। इसके लिए तीन बार आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स के कार्यालय से सिफारिश जा चुकी है।
दो बार बाली के दफ्तर से भी हो चुके हैं ऑर्डर
दो बार परिवहन मंत्री जीएस बाली के दफ्तर से निर्देश जा चुके हैं। एक बार तो खुद मुख्यमंत्री कार्यालय से भी सिफारिश गई है, लेकिन लोगों को सुविधा देने के लिए कोई अधिकारी तैयार नहीं है। कभी बस नहीं होने तो कभी ड्राइवर नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है।
दो साल से यह सिलसिला जारी है। इस मामले को उठा रहे गिरिजानंद शर्मा ने कहा है कि वे हर स्तर पर अनदेखी के बाद अब अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता देख रहे हैं।
पूछेंगे कि अधिकारी क्यों नहीं मान रहे आदेश
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि वे अधिकारियों से पूछेंगे कि वे आदेश क्यों नहीं मान रहे हैं। इस बारे में गंभीर कदम उठाएंगे।