पढ़िए, हिमाचल में ट्रेनी कंडक्टर भर्ती से जुड़ी बड़ी खबर
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एचआरटीसी की ओर से सोसाइटी के तहत ट्रेनी कंडक्टर चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई 29 जुलाई के लिए टल गई है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले की आगामी सुनवाई तक सभी अपना पक्ष रखें। प्रार्थी प्रवीण कुमार की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात अदालत ने कंडक्टर चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार एचआरटीसी ने वर्ष 2013 में ट्रेनी कंडक्टर चयन प्रक्रिया के लिए एक सोसाइटी का गठन किया था। एचआरटीसी ने इस सोसाइटी के माध्यम से कंडक्टर के 700 पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए।
यह लगाए गए हैं आरोप
याचिका में आरोप लगाया है कि जब कंडक्टर चयन प्रक्रिया का मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है तो उस स्थिति में एचआरटीसी इन पदों को किसी अन्य माध्यम से कैसे भर सकता है। प्रार्थी के अनुसार एचआरटीसी इन पदों को दूसरा नाम देकर भरा रहा है।
प्रार्थी ने दलील दी है कि विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थी के पास कंडक्टर लाइसेंस होना चाहिए जोकि केवल प्रशिक्षित लोगों को ही दिया जाता है, तो इस स्थिति में प्रशिक्षित लोगों को कौशल विकास योजना से भत्ता कैसे दिया जा सकता है। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश पारित किए जाएं।