हिमाचल में सरकारी नौकरी का मौका, एचआरटीसी में भरे जाएंगे 1295 पद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल सरकार एचआरटीसी में 1295 चालक और परिचालकों की भर्ती करने जा रही है। इसमें 795 चालक और 500 परिचालक रखे जाएंगे। परिचालकों की लिखित परीक्षा का जिम्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) को सौंपा गया है।
हाल ही में एचआरटीसी में 176 पदों के लिए चल रही चालकों की भर्ती के लिए ड्राइविंग टेस्ट हो चुके हैं। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के निदेशक मंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि एचआरटीसी में कई पद खाली हैं। चालक-परिचालकों के रिक्त पदों को समय-समय भरा जा रहा है, लेकिन लिपिक और अन्य स्टाफ की भर्ती करीब नौ सालों से नहीं हुई।
ऐसे में इन पदों को भी शीघ्र ही भरा जाएगा। परिवहन निगम की किथ एंड किन योजना के तहत 131 लोगों को नौकरी दी गई है। इस योजना में निगम में नौकरी के दौरान जिन कर्मियों की मौत हो जाती है, उनके आश्रितों को निगम नौकरी देता है।
बंजार हादसे वाली बस को फिटनेस प्रमाणपत्र देने वाले अफसर पर होगी कार्रवाई
हिमाचल में गैस एजेंसियों को पेट्रोल पंप खोलने के लिए निगम जमीन देगा। इसके लिए एजेंसियों से उचित दामों में डीजल लिया जाएगा। बंजार बस हादसे की रिपोर्ट पर परिवहन मंत्री ने कहा कि जो बस गिरी है, उसमें 87 सवारियां थीं।
यह बस दो जगह खराब हुई थी। बड़ी बात यह है कि इस बस का इंजन कम कैपेसिटी का था, परिवहन विभाग के जिस अधिकारी ने इस बस का फिटनेस प्रमाण पत्र दिया है, उस पर कार्रवाई होगी।
लोनिवि के इंजीनियर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन उन्हें यह नहीं लगा कि यह मोड़ तीखा है, इसकी रिपेयर होनी चाहिए। इसमें लोनिवि, पुलिस और परिवहन विभाग तीनों शामिल हैं। अब इन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
हिमाचल में नहीं चलेंगी 12 मीटर लंबी बसें
पूर्व सरकार के कार्यकाल में खरीदी गई 12 मीटर लंबी बसें परिवहन निगम के लिए आफत बन गई हैं। ये बसें सड़कों में खड़ी जंग खा रही हैं। परिवहन निगम ने इन्हें चलाने से मना कर दिया है। परिवहन मंत्री ने तर्क दिया है कि 12 मीटर लंबी बसें हिमाचल में नहीं चल सकतीं।
इससे सड़कों पर जाम लगेगा। बसों को तीखे मोड़ पर मोड़ना खतरे से खाली नहीं। पूर्व में जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनयूआरएम) के तहत 325 बसें ली गई थीं। इसमें 96 बसें ऐसी है जो 12 मीटर लंबी हैं।