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HPU Shimla: एचपीयू का दायरा बढ़ने से और बढ़ेंगी छात्रों की समस्याएं, परिणाम में होगी देरी

Fri, 01 Sep 2023 02:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 01 Sep 2023 02:17 PM IST
सार

अभी तक मार्च में आयोजित यूजी के पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाओं के पूरे परिणाम विवि घोषित नहीं कर पाया है। पीजी की चल रही परीक्षाओं के परिणाम भी तैयार कर घोषित किए जाने हैं, ऐसी स्थिति में एचपीयू पर तीन और जिलों के कॉलेजों की जिम्मेदारी आने से मुश्किलें बढ़ेंगी।

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HPU Shimla News: workload increased after Three district colleges merged in university
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टाफ की कमी का हवाला देकर मंडी विवि से तीन जिलाें के कॉलेजों सहित कुल्लू के दो कॉलेजों को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के अधीन लाने का फैसला भले ही प्रशासनिक दृष्टि से सही हो, मगर फैसले से परीक्षा और परिणाम से संबंधित समस्याएं और गंभीर होने की संभावनाएं रहेंगी। एचपीयू अभी तक प्रदेश भर के कॉलेजों के यूजी द्वितीय-तृतीय वर्ष सहित पीजी और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं संचालित करता आया है। पीजी और बीएड की प्रवेश परीक्षाएं करवाने की जिम्मेदारी भी एचपीयू के पास ही है।

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कॉलेजों और कार्य विभाजन का फाॅर्मूला लागू होने से एचपीयू पर तीन जिलों के यूजी कक्षा के हजारों छात्र-छात्राओं की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी। एचपीयू पहले ही ओल्ड रूसा, न्यू रूसा, सेमेस्टर, वार्षिक आधार पर तरह-तरह की परीक्षाएं एक साथ संचालित कर रहा है। वहीं, विवि गोल्डन चांस, डिग्री पूरी करने को दिए जाने चांस की परीक्षाएं करवाने के साथ उनके परिणाम भी घोषित करने की जिम्मेदारी निभा रहा है। छात्रों की समय से परीक्षा परिणाम घोषित न करने और इसमें गड़बड़ियों की शिकायतें आम हैं।
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अभी तक मार्च में आयोजित यूजी के पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाओं के पूरे परिणाम विवि घोषित नहीं कर पाया है। पीजी की चल रही परीक्षाओं के परिणाम भी तैयार कर घोषित किए जाने हैं, ऐसी स्थिति में एचपीयू पर तीन और जिलों के कॉलेजों की जिम्मेदारी आने से मुश्किलें बढ़ेंगी। एचपीयू को अभी तक मंत्रिमंडल के फैसले की सही से कोई जानकारी नहीं मिली है। कब तक फैसले की अधिसूचना जारी होगी, इसे इस सत्र से लागू किया जाएगा, या नहीं स्थिति स्पष्ट नहीं है। 
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सरदार पटेल विवि के पास रह जाएंगे 50 से भी कम कॉलेज 
पूर्व भाजपा सरकार के समय सरदार पटेल विवि शुरू हुआ और निचले जिलों के कॉलेज इसके अधीन लाए गए थे। एचपीयू के पास सात और सरदार पटेल विवि के पास पांच जिलों के कॉलेज दिए गए थे। अब अकेले एचपीयू की परीधि में 9 जिलों के अलावा कुल्लू जिले के निरमंड और आनी कॉलेज भी आ जाएंगे। जबकि सरदार पटेल विश्वविद्यालय की परिधि तीन जिलों तक सिमट जाएगी, जिसमें कॉलेजों की संख्या 50 के करीब तक रह सकती है।

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