एचपीयू ने दस गुणा बढ़ाई प्रवेश परीक्षाओं की फीस
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एससी, एसटी, अंत्योदय, आईआरडीपी 350 और नॉन सब्सिडाइज्ड सीट के लिए आवेदन करने वालों को 700 रुपये फीस देनी होगी। पूर्व में इन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा फीस 280 और और आरक्षित वर्ग के लिए 190 थी।
एमएमसी, एमएमसी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, एमएएमएससी, मेथेमेटिक्स, एमए फिजिकल एजूकेशन, इंग्लिश, एमए सोशल वर्क, डीएचआरडी, पीजीडीएमसए, एलएलबी तीन वर्षीय, एमएचआरडी और एमबीई कोर्स की प्रवेश परीक्षा को 22 अप्रैल तक आवेदन करें।
तीन अलग-अलग विभागों में देनी होगी फीस
अब आवेदन फार्म विवि की साइट से डाउनलोड करने के बाद प्रवेश को आवेदन पर हर छात्र को तीन अलग-अलग विभागों में फीस देनी होगी। विवि अब तक प्रोस्पेक्टस में तीन-तीन फार्म उपलब्ध करवाता था।
इसमें छात्र तीन विभागों में प्रवेश को आवेदन कर सकता था। बीते वर्ष प्रवेश फार्म और प्रोस्पेक्टस ऑनलाइन उपलब्ध करवाने पर छात्र संगठनों के विरोध के चलते विवि ने एक बार ही फीस जमा करवाकर उसकी रसीद की फोटो प्रति अन्य दो आवेदन फार्म के साथ लगाकर दो अतिरिक्त विभागों में आवेदन करने को फीस से छूट देकर राहत दी थी।
इस बार विवि ने ईसी के अगस्त 2014 में लिए फैसले को आधार बनाकर हर आवेदन पर अलग से फीस चार्ज करने को अनिवार्य कर दिया है।
प्रवेश परीक्षाओं की फीस दस गुणा बढ़ाई
प्रवेश परीक्षाओं की फीस भरते समय छात्रों की जेब और ढीली होगी। प्रदेश विवि ने यह फीस 280 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये कर दी है। इस लिहाज से फीस में दस गुणा तक बढ़ोतरी हो गई है।
छात्रों से एक बार फीस जमा करवाकर तीन-तीन पीजी डिग्री डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदन करने का अधिकार भी छीन लिया है। उन्हें तीन विभागों में आवेदन करने के लिए जो 280 रुपये फीस भरनी पड़ती थी, यह फीस उन्हें अब 2100 रुपये देनी होगी। यानी, प्रति विषय 700 रुपये देने होंगे।
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला ने कहा कि ईसी के फैसले को लागू किया गया है। प्रवेश परीक्षा और मेरिट आधार पर विभागों में कोर्स में प्रवेश की फीस सामान्य वर्ग और नॉन सब्सिसडाइज्ड सीटों को 700, आरक्षित वर्ग को 350 की है।