कभी भी सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं कर्मचारी
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में कर्मचारियों का उन्नीस दिन से जारी आंदोलन का मंगलवार को भी कोई हल नहीं निकला। कर्मचारियों ने मंगलवार को भी जेसीसी के बैनर तले दोपहर डेढ़ बजे प्रशासनिक भवन के सामने गेट मीटिंग कर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने वर्क टू रूल को भी जारी रखने का फैसला लिया।
जेसीसी के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश के आवेदन जमा करवा दिए हैं। जेसीसी कभी भी सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर सकती है। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगें नजरअंदाज की जा रही हैं। जेसीसी चेयरमैन डा. हितेश्वर ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त को प्रशासन ने कर्मचारियों की शिकायत निवारण समिति की बैठक बुलाई है।
यदि प्रशासन का रुख कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने के लिए ठीक नहीं रहा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पत्र जमा करवा दिए हैं।
अब इस पर फैसला प्रशासन के रुख पर निर्भर करेगा। जेसीसी महासचिव गीता राम ठाकुर, राज कुमारी, नरेश कुमार, राजकुमार राणा, चांदी राम, राम लाल, खेम राज जाट, राजेश ठाकुर, मुख्य सलाहकार तेज राम शर्मा, संयुक्त समन्वय समिति के मीडिया प्रभारी एवं मुख्य समन्वयक चौ. वरयाम सिंह बैंस ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
एचपीयू के सामने रखी हैं ये मुख्य मांगें
निर्माण शाखा में कर्मचारियों के पदोन्नति नियमों को लेकर बैठक बुलाई जाए। लाइब्रेरी के जूनियर सहायक, चौकीदार, सेवादार और सुरक्षा कर्मियों के पदों पर भर्ती, पदोन्नति की जाए।
करुणामूलक आधार के मामले का निपटारा, गैर शिक्षक और शिक्षकों के खाली 565 पदों को जल्द भरा जाए। वित्तीय संकट के मामले को सरकार से उठाया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों के वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। सचिवालय वेतन को लेकर कार्यकारिणी परिषद के निर्णयों को लागू किया जाए। इलेक्ट्रिशियन वर्ग और लैब स्टाफ से संबंधित जारी अधिसूचनाओं को करें, 4-9-14 के तहत कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिया जाए।