एचपीयू प्रोस्पेक्टस घोटाले का आरोपी कर्मी बर्खास्त, शिक्षक को किया बहाल
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की मंगलवार को कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए। इसमें विवि के इक्डोल में 2018 में उजागर हुए 1 करोड़ 11 लाख, 67 हजार के घोटाले के आरोपी कर्मी अनुभाग अधिकारी बाबू राम को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया। जांच में आरोपी को दोषी पाया गया। उसके खिलाफ दीवानी मामला दर्ज किए जाने का फैसला ईसी में लिया गया। यही नहीं, उसे कहीं भी नौकरी न मिले, इसकी सिफारिश भी विश्वविद्यालय सरकार से करेगा।
एक अन्य फैसले में लोकसभा चुनाव में भाजपा की रैली में हिस्सा लेने की शिकायत पर चुनाव आयोग के आदेशों पर अगस्त 2019 से सस्पेंड यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल के प्रो. प्रमोद शर्मा को ईसी की बैठक में क्लीन चिट देकर बहाल कर दिया गया। विवि ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को बहाल करने का फैसला लिया है। फैसले से विवि प्रशासन चुनाव आयोग को भी अवगत करवाएगा।
नवंबर 2018 में उजागर हुआ था इक्डोल का एक करोड़ से अधिक का प्रोस्पेक्टस घोटाला
विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षण संस्थान इक्डोल के प्रोस्पेक्टस बिक्री का काम देखने वाले अनुभाग अधिकारी ने 2011 से 2018 के बीच प्रोस्पेक्टस की बिक्री के पैसों में से आधे पैसे ही संबंधित शाखा में जमा करवाए।
इसका खुलासा 2018 में ऑडिट में हुआ। यह रकम एक करोड़ ग्यारह लाख से अधिक पहुंच गई। विवि ने नवंबर 2018 में आरोपी अधिकारी को निलंबित करने के बाद उसके खिलाफ थाना बालुगंज में मामला दर्ज करवाया। विवि ने अपने स्तर पर भी जांच कमेटी बिठाई थी।
आवेदन पत्रों की छंटनी और स्क्रीनिंग के सदस्यों को मिलेंगे दो हजार रुपये
हिमाचल प्रदेश विवि की कार्यकारी परिषद की बैठक में कर्मचारियों और विवि से संबंधित कई फैसले लिए गए। कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इनमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारियों के पूर्व में स्वीकृत पदों को समाप्त न कर पहले की स्थिति को स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। विवि में शिक्षक और गैर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों की छंटनी और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के लिए बाहरी विश्वविद्यालयों से बुलाए जाने वाले मनोनीत सदस्यों को दो हजार रुपये प्रति दिन/सीटिंग के हिसाब से मानदेय दिए जाने का फैसला लिया गया। पूर्व में यह 23 जून 2016 के अनुक्रम के अनुसार दिया जाता था।
साथ ही यात्रा/दैनिक भत्ता विवि के नियमानुसार देने को ईसी ने स्वीकृति प्रदान की है। बैठक में विवि के दूरवर्ती शिक्षण संस्थान (इक्डोल) में सत्र 2019-20 में जिन विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं है, उनके लिए असाइनमेंट मूल्यांकन को बुलाए जाने वाले गेस्ट फैकल्टी को 10 रुपये प्रति असाइनमेंट प्रदान किए जाने का फैसला लिया गया है। लेकिन यह यह वहीं दिया जाएगा, जहां छात्रों की संख्या छह हजार से अधिक होगी। ईसी ने विवि के विभिन्न श्रेणियों में सेवारत कर्मचारियों के भर्ती और पदोन्नति नियमों को अपनाए जाने को अनुमोदन प्रदान किया।
इन श्रेणियों और पदों में प्लेसमेंट आफिसर, कनिष्ठ कार्यालय सहायक सूचना एवं टेक्नोलॉजी, दंत चिकित्सा अधिकारी, जन संपर्क अधिकारी, भारी वाहन चालक, हल्के वाहन चालक, परिचालक, लिपिक, विधि अधिकारी के सहायक, कनिष्ठ सहायक (ऑटोमोबाइल) हेल्पर, बेल्डर और सीवरमैन आदि शामिल है। इसके अलावा ईसी ने शैक्षणिक परिषद की स्थायी समिति की 31 दिसंबर को हुई बैठक में मद संख्या एक के तहत लिए गए फैसलों को भी अनुमोदित किया है।