HPCA मामले में सरकार ने इन दो पूर्व IAS अफसरों को दी बड़ी राहत
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) मामले में प्रदेश सरकार ने पूर्व आईएएस दीपक सानन और आईएएस अजय शर्मा को बड़ी राहत दी है। जयराम सरकार ने इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी लेने के आदेश दे दिए हैं। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में एचपीसीए को जमीन देने के मामले में वीरभद्र सरकार ने कार्रवाई की थी।
इस मामले में दोनों को भी आरोपी बनाया था। भाजपा के फिर से सत्तासीन होने पर सरकार ने विधि विभाग से परामर्श के बाद अभियोजन मंजूरी वापस लेने को स्वीकृति दे दी है। अब कार्मिक विभाग लिखित आदेश जारी करेगा। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार विधि विभाग से विचार-विमर्श के बाद सरकार ने अभियोजन मंजूरी वापस लेने के लिए तीन आधार बनाए।
वीरभद्र सरकार ने इन अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दी। दूसरा केंद्र से इसके लिए अनुमति नहीं मिली। तीसरा कारण इसी प्रकरण में एक अन्य एचएएस अधिकारी गोपाल चंद की अभियोजन मंजूरी वीरभद्र सरकार ने ही वापस ले ली।
गोपाल चंद को राहत देने के लिए पूर्व सरकार ने आईएएस दीपक सानन और अजय शर्मा के खिलाफ केंद्र से अभियोजन मंजूरी नहीं मिलने को आधार बनाया। एक को राहत, जबकि दो के खिलाफ प्रक्रिया जारी रखने को ग्राउंड बनाकर जयराम सरकार ने वर्ष 1982 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक सानन व 2003 बैच के आईएएस अजय शर्मा के खिलाफ प्रोसीक्यूशन सेंक्शन वापस लेने का आदेश दिया है।
यह है एचपीसीए प्रकरण
पूर्व भाजपा सरकार के समय में क्रिकेट एसोसिएशन को लीज पर देते हुए भूमि का भू-उपयोग बदलने को मंजूरी दी। वर्ष 2012 में सत्ता में आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र ने मंजूरी को नियमों के खिलाफ पाया।
पूर्व आईएएस दीपक सानन पर आरोप लगा कि कैबिनेट की मंजूरी के बगैर ही लैंड यूज बदलने की फाइल पर स्वीकृति दे दी। मामले में पूर्व सरकार ने इन्हें चार्जशीट भी किया, जिसे बाद में वापस ले लिया था।
आईएएस अजय शर्मा निदेशक खेल के पद पर तैनात थे, जिसके चलते तत्कालीन सरकार ने उनके खिलाफ मामला चलाने के आदेश दिए।