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HPBOSE: छठी से आठवीं कक्षा के लिए संस्कृत व्याकरण, हर विषय में होगी प्रायोगिक परीक्षा

Tue, 29 Oct 2024 05:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 29 Oct 2024 05:40 PM IST
सार

राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रतिनिधियों की बैठक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई।

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HPBOSE will prepare Sanskrit grammar book for classes 6th to 8th, practical exam will be conducted in every su
हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद की बैठक। - फोटो : संवाद

विस्तार

छठी से आठवीं कक्षा तक संस्कृत व्याकरण की पुस्तक प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा। इसके अलावा व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए हर विषय में प्रायोगिक परीक्षाएं भी करवाई जाएंगी। यह फैसले हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रतिनिधियों की सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए। संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. मनोज शैल ने बताया कि परिषद ने 21 सूत्रीय मांगपत्र शिक्षा बोर्ड को दिया था। इसमें एक-एक विषय पर विमर्श के साथ चर्चा की गई।

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2026 से ही पढ़ाई जाएंगी नई पुस्तकें
कक्षा छठी से संस्कृत की नई पुस्तक को नए सत्र से शुरू करने पर सचिव ने कहा कि एनसीईआरटी की ओर से निर्मित नई पाठ्यपुस्तक कक्षा छठी से वर्ष 2026 से आरंभ की जाएगी। बोर्ड सचिव ने बताया कि कक्षा छठी के लिए कुछ विषयों की पुस्तकें तैयार कर ली गई हैं, जबकि कुछ पुस्तकें तैयार हो रही हैं। इन पुस्तकों को 2026 से ही पढ़ाया जाएगा। बैठक में अकादमी अधिकारी शालिनी, परिषद के महासचिव डॉ. अमित शर्मा, उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, आईटी सचिव डॉ. विवेक शर्मा, कांगड़ा के अध्यक्ष डॉ. अमनदीप शर्मा, मंडी अध्यक्ष लोकपाल, बिलासपुर के महासचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सहित 15 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ऑनलाइन होगा सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण
परिषद ने सचिव से पुस्तकों की पाठन शैली के प्रशिक्षण के संदर्भ में पाठ्यक्रम विभाजन और प्रश्नपत्र निर्माण पर शिक्षकों का प्रशिक्षण करवाने का प्रस्ताव रखा। इस पर भी सचिव ने सभी शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी करवाने की स्वीकृति प्रदान की। परिषद ने प्रस्ताव रखा कि कक्षा 11वीं व 12वीं के पाठ्यक्रम विभाजन और उसमें व्याकरण का समरूप समायोजन किया जाना भी आवश्यक है। इसकी स्वीकृति भी बोर्ड सचिव ने प्रदान की।
 

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हिंदी व्याकरण का विभाजन
बैठक में परिषद ने मांग रखी कि कक्षा छठी से अष्टमी तक हिंदी व्याकरण की एक पुस्तक है। लेकिन उसमें कक्षानुसार पाठ्यक्रम विभाजन नहीं है। इसे देखते हुए आवश्यक संशोधन कर कक्षानुसार छठी, सातवीं, आठवीं के लिए अलग-अगल निर्धारण किया जाए। परिषद ने कहा कि कक्षा छठी से आठवीं तक हिमाचल की लोक संस्कृति और योग पुस्तक में बहुत संशोधन की आवश्यकता है। इसमें दी गई सामग्री में हिमाचल के इतिहास एवं संस्कृति की वास्तविकता अनुसार जानकारी को समायोजित किया जाना आवश्यक है।

नाैवीं-दसवीं के प्रश्नपत्र में आवश्यक संशोधन की मांग
इसके अलावा परिषद ने प्रस्ताव रखा कि कक्षा नाैवीं और दसवीं के प्रश्नपत्र में आवश्यक संशोधन किया जाए। प्रश्नपत्र में पाठ्य-पुस्तकों को भी महत्त्व दिया जाए, क्योंकि प्रश्नपत्र में पाठ्यपुस्तक से समावेश कम हो रहा है। न्यूनतम 40 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक से 40 प्रतिशत व्याकरण भाग एवं 20 प्रतिशत अपठित भाग का समावेश प्रश्नपत्र में हो। इस पर भी सचिव ने समीक्षा करने के बाद निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

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