HPBOSE: ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले सरकारी-प्राइवेट स्कूल 31 दिसंबर तक बिना विलंब शुल्क करें प्रश्नपत्रों की मांग
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तीसरी, पांचवीं, आठवीं नौवीं और 11वीं कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाने के लिए आवेदन मांगे हैं।
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मार्च व अप्रैल-2025 में आयोजित होने वाली ग्रीष्मकालीन स्कूलों की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लिए निजी और सरकारी स्कूल 31 दिसंबर तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन कर सकेंगे। वहीं जनवरी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 100 से 200 रुपये तक विलंब शुल्क चुकाना होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तीसरी, पांचवीं, आठवीं नौवीं और 11वीं कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाने के लिए आवेदन मांगे हैं। शिक्षा बोर्ड मार्च-अप्रैल माह में तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के लिए संबद्धता प्राप्त सरकारी और निजी स्कूलों को प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाता है। इसके लिए संबंधित स्कूल बोर्ड की वेबसाइट पर अंकित ऑनलाइन सर्विस ऑप्शन पर जाकर ऑनलाइन प्रश्नपत्र पेपर डिमांड पर आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान सरकारी स्कूलों को बिना फीस और निजी स्कूलों को निर्धारित परीक्षा शुल्क के साथ प्रश्नपत्रों की मांग करनी होगी।
किस कक्षा के लिए कितनी लगेगी फीस
इस दौरान तीसरी और पांचवीं कक्षा के लिए स्कूल 2 से 31 दिसंबर तक 100 रुपये बिना विलंब फीस के साथ आवेदन कर सकेंगे, जबकि पहली से 15 जनवरी तक 50 और 16 से 31 जनवरी तक 100 रुपये अतिरिक्त विलंब शुल्क के साथ आवेदन करना होगा। इसके अलावा आठवीं कक्षा के प्रश्नपत्रों के लिए 2 से 31 दिसंबर तक 150, जबकि 1 से 15 जनवरी तक 50 और 16 से 31 जनवरी तक 100 रुपये विलंब शुल्क अदा करना होगा। वहीं नौवीं और 11वीं कक्षा के अभ्यर्थियों से 150 रुपये बिना विलंब शुल्क 2 से 31 दिसंबर, जबकि 1 जनवरी से 15 तक 100 और 16 से 31 जनवरी तक 200 रुपये विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
प्रश्नपत्रों की यह मांग अलग-अलग कक्षावार और विषयवार करनी होगी
सभी सरकारी और निजी स्कूलों प्रधानाचार्य-मुख्याध्यापक निर्धारित तिथि तक प्रश्नपत्रों की मांग को निर्धारित शुल्क सहित केवल ऑनलाइन माध्यम से प्रेषित करना सुनिश्चित करें। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार की छूट प्रदान नहीं की जाएगी। प्रश्न पत्रों की अनुपलब्धता तथा कमी का पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित पाठशाला के प्रधानाचार्य-मुख्याध्यापक का होगा। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला