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HP Politics: शांता कुमार बोले- लोकसभा चुनाव में सही जनादेश, बिना विपक्ष के भाजपा को भी आ गया था अहंकार
Tue, 25 Jun 2024 06:27 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर(कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर(कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:27 PM IST
सार
पालमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में कोई कांग्रेस कार्यकर्ता या देहरा से कोई नेता नहीं था जो मुख्यमंत्री के पत्नी को टिकट दिया।
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पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने वर्तमान मुख्यमंत्री की पत्नी को देहरा विधानसभा उपचुनाव में दिए गए टिकट को लेकर परिवारवाद पर तीखा सियासी प्रहार किया है। शांता कुमार कहा कि परिवारवाद की यह सबसे घटिया मिसाल है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में हुए लोकसभा चुनाव से वह बहुत खुश हैं। देश की जनता ने बहुत अच्छा जनादेश दिया है। इसमें विपक्ष को भी जिंदा रखा और नरेंद्र मोदी की सरकार भी बनाई। विपक्ष न होने से भाजपा को भी अहंकार आ गया था।
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पालमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में कोई कांग्रेस कार्यकर्ता या देहरा से कोई नेता नहीं था जो मुख्यमंत्री के पत्नी को टिकट दिया। देश में यह शायद पहला मौका है कि किसी मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी को टिकट दिया है। जो परिवारवाद की सबसे घटिया मिसाल है। शांता कुमार ने कहा कि वह चाहते तो अपनी पत्नी और बेटे को सांसद या विधायक बना सकते थे, लेकिन वह और उनकी पत्नी राजनीति में परिवारवाद से हमेशा दूर रहे। कहा कि 1989 में वह लोकसभा चुनाव भी जीते थे।
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जबकि हाईकमान के आदेश पर वह सुलह और पालमपुर से विधानसभा चुनाव भी लड़े और दोनों जगह जीते। जिसमें उन्हें लोकसभा और एक विधानसभा से अपनी सीट छोड़नी थी। तब वह हिमाचल में भाजपा में सर्वोपरि थे। लोगों ने उन्हें पत्नी और बेटे को टिकट देने पर जोर दिया। तब वह चाहते तो दोनों को सांसद और विधायक बना सकते थे, लेकिन लोकसभा से मेजर डीडी खनूरिया और विधानसभा पालमपुर से डॉ. शिव कुमार को टिकट दिया गया।
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उन्होंने कहा कि देश में लोकसभा चुनाव में जनता ने सही जनादेश दिया है। इससे बड़ी बात यह है कि जनता ने नरेंद्र मोदी की सरकार भी बनाई और विपक्ष भी खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 में विपक्ष न होने के कारण भाजपा को भी कई चीजों पर अहंकार आ गया था। एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए विपक्ष का होना जरूरी है, लेकिन दुख इस बात का है कि विपक्ष पक्ष का सहयोग देने के बजाए विरोध अधिक करता है, जो देश के निर्माण के लिए ठीक नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का काफी विकास हुआ है और अगले पांच सालों में ऐतिहासिक विकास होगा।