कसोल में अवैध तरीके से चल रहे होटलों पर हाईकोर्ट ने तलब की नई रिपोर्ट
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कसोल में अवैध तरीके से चल रहे होटलों पर हाईकोर्ट ने नई रिपोर्ट तलब की है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने जिलाधीश कुल्लू को आदेश दिए हैं कि वह नवीनतम स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से कुल्लू जिला के कसोल में अवैध तरीके से चलाए जा रहे होटलों की वस्तुस्थिति के बारे में न्यायालय को अवगत करवाएं।
इस मामले की सुनवाई के दौरान जिलाधीश कुल्लू ने शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय को बताया है कि उन्होंने कसोल, कटागला, छलाल तोश और जरी में 48 में से 38 होटलों को सील करने के लिए तीन दलों का गठन किया था।
इन क्षेत्रोें में बचे 10 व्यावसायिक होटलों को संवैधानिक जरूरत पूरी होने के कारण सील नहीं किया गया। न्यायालय को बताया गया कि सील किए गए 38 होटलों में से 14 होटल कसोल, 9 होटल कटागला, 10 होटल जरी, छलाल और तोश क्षेत्र में सील किए गए, जबकि एक होटल मालिक को हाईकोर्ट की ओर से स्थगन आदेश प्राप्त हुए हैं।
चार अवैध निर्माण वाले भाग होटल मालिकों ने खुद ही तोड़ दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जिलाधीश कुल्लू को आदेश दिए हैं कि वह मंगलवार तक नवीनतम स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष दाखिल कर दें।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू ने शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय को बताया कि उन्होंने ड्रग माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने न्यायालय को यह भी बताया कि होटल, ढाबों, होम स्टे, रेस्टोरेंट और अतिथि गृहों में जांच नियमित तौर पर की जा रही है। पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि कुल्लू क्षेत्र में मादक पदार्थों को अवैध तरीके से बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाए।
न्यायालय को बताया गया कि 15 जून से एक जुलाई तक रेड के दौरान चार मामले मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किए गए हैं। न्यायालय ने जिलाधीश कुल्लू को नोडल अधिकारी और समवन्यक की तरह काम करते हुए संबंधित विभागों से तालमेल बैठाकर यह सुनिश्चित करने को
कहा कि कुल्लू जिला में जितने भी अवैध निर्माण किए गए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। न्यायालय ने यह भी आदेश दिए कि कसोल क्षेत्र में कानून की अनुमति के बिना किसी भी व्यावसायिक गतिविधि को चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।