{"_id":"63763479580c2d4f3f7f99c2","slug":"hp-high-court-decision-reserved-on-the-matter-of-giving-50-percent-discount-in-bus-fare-to-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP High Court: महिलाओं को 50 फीसदी बस किराये में छूट देने के मामले पर फैसला सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP High Court: महिलाओं को 50 फीसदी बस किराये में छूट देने के मामले पर फैसला सुरक्षित
Thu, 17 Nov 2022 07:02 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Nov 2022 07:02 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने महिलाओं को एचआरटीसी की बसों में 50 फीसदी बस किराये में छूट देने के मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने निजी बस ऑपरेटर संघ का विवरण और उसका क्षेत्राधिकार जानने के लिए मामले पर दोबारा सुनवाई की।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महिलाओं को एचआरटीसी की बसों में 50 फीसदी बस किराये में छूट देने के मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने निजी बस ऑपरेटर संघ का विवरण और उसका क्षेत्राधिकार जानने के लिए मामले पर दोबारा सुनवाई की। गौरतलब है कि सचिव परिवहन व निदेशक परिवहन ने अदालत को अवगत करवाया था कि महिलाओं को बस किराये में छूट देने का निर्णय कैबिनेट का है। इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था।
विज्ञापन
कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने महिलाओं को बस किराये में छूट देने का फैसला लिया। निजी बस ऑपरेटर संघ ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की ओर से 7 जून 2022 को जारी की गई अधिसूचना कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। जबकि महिलाओं व पुरुषों के लिए बराबर किराया होना चाहिए। पथ परिवहन निगम की ओर से ग्रीन कार्ड जारी करने को भी प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई है। दलील दी गई है कि पथ परिवहन निगम द्वारा ग्रीन कार्ड जैसी सुविधाएं देने की वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।
विज्ञापन
दुष्कर्म के मामले में नामित आरोपी बरी
जिला अदालत चक्कर शिमला ने दुष्कर्म के मामले में नामित आरोपी हेम सिंह को दोषमुक्त किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रताप सिंह ठाकुर ने पुलिस चालान को खारिज कर दिया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश की थी कि आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म किया है। इस मामले के अनुसार नाबालिग के पिता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने नाबालिग को सोलन पुलिस थाने से शिकायतकर्ता को सौंपा था। नाबालिग के बयान पर अभियोजन पक्ष ने अरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया। अभियोग साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने 28 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित करने में नाकाम रहा है।
विज्ञापन