भवन नियमित करने के अध्यादेश में होगा बदलाव, आप भी दें सुझाव
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हिमाचल में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए हाल ही में लाए गए अध्यादेश में बदलाव होगा। अध्यादेश पर लोगों की आपत्तियों के बाद प्रदेश सरकार ने इसे संशोधित करने का फैसला ले लिया है। संशोधन से पहले लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
जल्द ही इस मामले फिर कैबिनेट में ले जाया जा रहा है। इसके बाद संशोधन के लिए विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। हाल ही में लाए गए अध्यादेश में हिमाचल सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 70 फीसदी डेबिएशन वाले अवैध भवनों को नियमित करने की व्यवस्था की थी।
लेकिन हिमाचल में ऐसे कई भवन मालिक हैं, जिन्होंने कंस्ट्रक्शन के दौरान 100 फीसदी डेबिएशन की है। ऐसे में यह लोग यथा स्थिति में भवन नियमित करने की मांग कर रहे हैं। अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए तय की गई फीस पर भी लोगों ने आपत्ति जताई है।
यथा स्थिति में भवनों को नियमित करने और फीस कम करने के लिए यह बदलाव करने की तैयारी है।
दिलचस्पी नहीं दिखा रहे लोग
सरकार ने भवन रेगुलर करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई तय की है, लेकिन लोग इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। भवन को वैध कराने के लिए हफ्ते भर का ही वक्त बचा है लेकिन अभी तक 30,000 में से महज 1,080 लोगों ने ही आवेदन किया है।
लोग यथास्थिति में भवन नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसके चलते अध्यादेश में बदलाव करने के लिए मामला विधानसभा में ले जाया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि सभी लोगों के भवन एक ही बार में नियमित हो जाएं।- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री