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पंचायतों को राहत, कमेटियों के फेर में फंसे मनरेगा कार्यों को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 10 Oct 2016 09:19 AM IST
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जिला वित्त कमेटी (डीएफसी) के फेर में फंसी सभी पंचायतों की शेल्फों को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। कई महीने से ये शेल्फें डीएफसी और बीडीओ कार्यालय में पास फंसी थीं। औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इन्हें मंजूरी नहीं दी जा रही थी।
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प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को एक महीने के भीतर शेल्फों को स्वीकृत करने के निर्देश दिए थे, ऐसा न होने पर सरकार ने एक साथ 11 जिलों की सभी पंचायतों के शेल्फें को मंजूरी दे दी है। 14 वें वित्तायोग के तहत केंद्र सरकार पंचायतों के विकास कार्यों के लिए राशि जारी कर रही है।
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अब तक हिमाचल को मनरेगा के तहत 70 करोड़ के आसपास राशि जारी हो गई है। औपचारिकताएं ज्यादा होने से यह पैसा खर्च नहीं हो रहा है। जिला सोलन को छोड़कर अन्य जिलों की पंचायतें ये औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रही थीं।
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पंचायतों के नुमाइंदों ने भी प्रदेश सरकार से मामला उठाकर इस जटिल प्रक्रिया को सरल करने की मांग की गई थी। इसके चलते सरकार ने अधिकारियों को एक महीने के भीतर शेल्फों को मंजूर करने की निर्देश दिए थे। अब सरकार ने जनता को राहत देकर सभी पंचायतों की 18-18 शेल्फों को मंजूरी दी है।
ये कार्य होंगे पंचायतों में
रास्तों का निर्माण, वर्षाशालिका, श्मशानघाट, सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइटें, नालियों का निर्माण, सड़क, रास्तों में रेलिंग, डंगों का निर्माण और पैरापिट आदि कार्य होंगे।
पंचायतों के विकास कार्यों में अड़चन आ रही थी। 11 जिलों की अधिकांश पंचायतों की शेल्फें मंजूर नहीं हो रही थीं। बीडीओ और डीएफसी कमेटी के पास जितनी भी शेल्फें लटकी हैं, सरकार ने उन्हें मंजूर करने का फैसला लिया है।- अनिल शर्मा, पंचायतीराज मंत्री