जानिए, क्या है धूमल-अनुराग को घेरने का नया प्लान?
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कांग्रेस सरकार पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के खिलाफ दर्ज विजिलेंस मामलों में जरा भी लापरवाही नहीं चाहती। एफआईआर दर्ज होने के बाद कोर्ट तक पहुंची इस जंग को जीतने के लिए नए सिरे से चक्रव्यूह रचा गया है।
शिमला के एक जाने माने अधिवक्ता को अभियोजन की प्रक्रिया की देखरेख का जिम्मा दिया गया है। ये अधिवक्ता सीडी मामले में वीरभद्र सिंह की ओर से कोर्ट केस लड़ चुके हैं।
हालांकि, स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर के रूप में इनकी नियुक्ति की पुष्टि विजिलेंस के अधिकारी अभी नहीं कर रहे हैं। सरकार ने प्रोसीक्यूशन से रिटायर दो अफसरों सतीश ठाकुर और जवाहर शर्मा को पहले ही स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर नियुक्त कर रखा है।
सीएम ने एपी सिंह को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
पूर्व भाजपा सरकार के समय भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ दर्ज सीडी केस में धूमल सरकार ने दो विशेष अभियोजक नियुक्त किए थे। आवासीय आयुक्त दफ्तर दिल्ली में नियुक्त आईपीएस एपी सिंह को अभियोजन मंजूरी संबंधी फाइलों का पीछा करने का काम सौंपा गया है।
दरअसल, केस को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस को आईएएस दीपक सानन, अजय शर्मा और केके पंत जैसे अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी चाहिए। ये भारत सरकार से आनी है।
इसलिए वहां होने वाली बैठकों में सरकार या मुख्य सचिव की ओर से अब एपी सिंह शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 17 अक्तूबर को धर्मशाला में हुए वनडे क्रिकेट मैच से भी दूर रहे थे। अमर उजाला से बातचीत में भी वीरभद्र सिंह ने दोहराया था कि एचपीसीए को एक परिवार के चंगुल से निकालने के लिए वह हरसंभव कदम उठाएंगे। जाहिर है, लड़ाई लंबी चलेगी।
सीवीसी से एक महीना समय मांगा
आईएएस दीपक सानन और अजय शर्मा के खिलाफ अभी अभियोजन मंजूरी नहीं मिली है। राज्य सरकार की कोशिश है कि 19 दिसंबर को धर्मशाला कोर्ट में निर्धारित सुनवाई से पहले ये मंजूरी मिल जाए। फाइल अभी सीवीसी में लंबित है। पिछले हफ्ते हुई बैठक में सीवीसी ने इस पर कुछ आपत्तियां उठाई थीं। बैठक में एपी सिंह शामिल हुए। आपत्तियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक महीने का वक्त मांगा है।
एचपीसीए पर 3, तो अनुराग पर दर्ज हैं 5 केस
कांग्रेस सरकार बनने के बाद अनुराग ठाकुर की एचपीसीए पर 3 तो अनुराग ठाकुर पर 5 एफआईआर दर्ज हैं। एचपीसीए पर दर्ज पहली एफआईआर में चार्जशीट पेश होने के बाद मामला अब कोर्ट में है। अभी तक केवल इसी केस में नेता प्रतिपक्ष धूमल को आरोपी बनाया गया है। दूसरा और तीसरा केस पैवेलियन के लिए पेड़ काटने और स्टेडियम के पास 720 वर्ग मीटर भूमि पर पुराने भवन गिराकर कब्जा करने का है।