5 से घटाकर तीन साल में ही रेगुलर, सीएम वीरभद्र दे सकते हैं तोहफा
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चुनावी साल के बजट भाषण में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अनुबंध अवधि को पांच साल से घटाकर तीन साल कर सकते हैं। दस मार्च को पेश किए जाने वाले बजट में मुख्यमंत्री लाखों अनुबंध कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकते हैं।
विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी पिछले काफी समय से अनुबंध अवधि को पांच से घटाकर तीन साल करने की मांग कर रहे हैं। हिमाचल अनुबंध अध्यापक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणी मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों व संसदीय सचिवों को अपनी इस मांग से अवगत करवा चुके हैं।
संघ के अध्यक्ष कुलदीप धीमान सहित अन्य पदाधिकारियों अविनाश, विनोद, संजीव शर्मा, नवीन ठाकुर, सूरज चौहान, अवनीत सरकेक, अरुण नाल्टा, भूपेंद्र ठाकुर, संदीप वर्मा, अतुल, मोहिंद्र, विनय, जिस्टु, पवन नैंटा, नवीन, सत्य स्नेही और सुशील चंदेल ने कहा है कि यदि सरकार अपने इस बजट में अनुबंध अवधि को 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष कर देती है तो वर्तमान सरकार को इसका सीधा लाभ आगामी चुनाव में मिलेगा।
जो कर्मचारी अनुबंध पर लगे हैं, वे तो साथ देंगे ही और जो बेरोजगार तबका कमीशन की तैयारी कर रहा है, वह भी साथ देगा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह भी संघ को आश्वस्त कर चुके हैं कि संघ की इस मांग को सरकार बजट में पूरा करेगी।
सड़क सुरक्षा पर खर्च होगी ग्रीन टैक्स की 5 फीसदी राशि
हिमाचल में अब सड़कों पर सुरक्षा के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी। यह प्रावधान ग्रामीण सड़कों के लिए होगा। इस राशि से सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। 25 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की है।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मॉडल पर सड़क परियोजनाओं में सड़क सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। इसमें सड़कें दस करोड़ रुपये से अधिक लागत की शामिल होंगी। उनका 0.25 प्रतिशत पैसा सड़क सुरक्षा पर खर्च होगा।
सभी सड़कों के डिजाइन, निर्माण और परिचालन स्तर पर थर्ड पार्टी सड़क सुरक्षा ऑडिट करेगा। सड़क नेटवर्क को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाएगा। फंड एकत्र करने के लिए प्रदेश सरकार ने टीम गठित की है।
इसमें परिवहन विभाग के सचिव, वित्त सचिव, शहरी विकास विभाग के निदेशक और परिवहन विभाग के अतिरिक्त निदेशक, एचआरटीसी के एमडी सदस्य होंगे। हिमाचल में ग्रीन टैक्स से वसूली जाने वाली राशि का 5 फीसदी राशि सड़क सुरक्षा में खर्च की जाएगी।