हिमाचल में स्कूल भवनों के लिए जारी बजट पर बैठाई जांच
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वर्ष 2004 के बाद सरकारी स्कूल भवनों के निर्माण के लिए जारी बजट पर शिक्षा विभाग ने जांच बैठा दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद भवन निर्माण में लेटलतीफी और अनियमितता के लिए जिम्मेदार अफसरों पर विभाग एफआईआर दर्ज करवाएगा।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2004 के बाद अकेले शिमला जिले के लिए चार करोड़ से अधिक राशि जारी हुई है।
बावजूद इसके कई क्षेत्रों में अभी तक स्कूल भवनों का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। चौपाल ब्लॉक का मामला सामने आने के बाद शिक्षा सचिव ने पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूल भवनों की मरम्मत और नए भवन बनाने के लिए जारी बजट की फाइलें खंगालना शुरू कर दी हैं।
भवन निर्माण के स्टेटस की जानकारी तलब की
उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालयों से स्कूलों को जारी हुए बजट और भवन निर्माण के स्टेटस की जानकारी तलब की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों ने बजट जारी होने के बावजूद अभी तक निर्माण नहीं किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्कूल प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अफसरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बजट स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के कार्यों में टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।