घर में दुकानदारी चलाने वाले भवन नहीं होंगे रेगुलर, पूरी करनी होंगे ये शर्तें
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हिमाचल में अवैध भवनों को नियमित कराना आसान नहीं होगा। सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए 30 फीसदी सेटबैक की अनिवार्यता के साथ कई कड़ी शर्तें लगा दी हैं। घर की बेसमेंट खोलकर कारोबार वाले भवन नियमित नहीं होंगे।
सड़क के साथ जिन भवन मालिकों ने पार्किंग के बजाय व्यावसायिक गतिविधियां या कमरे बना लिए हैं, उनके भवन भी नियमित नहीं होंगे। दूसरे की जमीन पर निर्माण करने या रास्ते पर एक इंच अतिक्रमण हुआ तो भी इस पॉलिसी का फायदा नहीं मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। मंगलवार को इसे स्वीकृति के लिए लॉ विभाग को भेजा गया है। यहां से ड्राफ्ट राज्यपाल को भेजा जाएगा, उसके बाद प्रदेश सरकार इसकी अधिसूचना जारी करेगी।
ड्राफ्ट में ये हैं अहम बिंदु
शपथ पत्र देना होगा
अवैध भवन मालिकों को शपथ पत्र देना होगा कि वे दोबारा डेविएशन नहीं करेंगे। एक बार भवन नियमित होने के बाद अगर भवन मालिक दोबारा डेविएशन करता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
विभागों से लेना होगा एनओसी
भवन नियमित कराने के लिए आईपीएच, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने होंगे। यह इसलिए ताकि इन विभागों को भवन नियमित कराते वक्त कोई आपत्ति न हो।
अवैध निर्माण का फोटो जरूरी
भवन नियमित कराने के लिए टीसीपी कार्यालय में अवैध भवन के चार फोटो देने होंगे। इसमें 30 फीसदी सेटबैक खुला होना अनिवार्य होगा। अगर साथ लगते भवन मालिक ऑब्जेक्शन करता है तो ऐसी स्थिति में भी भवन नियमित नहीं होगा।
जेई जाएंगे मौके पर
अगर कोई भवन मालिक फर्जी कागजात देकर टीसीपी या अन्य शहरी निकायों को गुमराह करने की कोशिश करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जूनियर इंजीनियर मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का पता करेंगे।
नियमित नहीं तो बिजली-पानी के कनेक्शन कटेंगे
प्रदेश सरकार ने भवन नियमित कराने के लिए ड्राफ्ट को सख्त बनाया है। जो भवन नियमित नहीं हो सकेंगे उनके बिजली और पानी के कनेक्शन तो कटेंगे ही, हथौड़ा भी चलेगा।
व्यवसायियों के लिए महंगी होगी पॉलिसी
होटल, दुकान, उद्योग वाले अवैध भवनों को महंगे दामों में नियमित किया जाएगा। घरेलू भवन मालिकों की अपेक्षा व्यवसायियों को दोगुने दाम चुकाने होंगे।
नियमों के तहत ही अवैध भवनों को नियमित किया जाएगा। सेटबैक में 70 फीसदी एरिया कवर होने तक ही भवनों को नियमित किया जाएगा। सेटबैक में 30 फीसदी एरिया खुला होना अनिवार्य है। - संदीप कुमार, निदेशक टीसीपी