कैबिनेट के फैसले: सस्ता होगा सीमेंट, नई भर्ती को भी मंजूरी, गायब रहे बाली
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हिमाचल कैबिनेट की बुधवार को हुई अहम बैठक में इस बाद भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। हिमाचल में सीमेंट सस्ता करने के अलावा कई पद भरने को भी मंजूरी मिली है। प्रदेश में सीमेंट सस्ता होगा। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल ने सीजीसीआर दरें घटाने का फैसला लिया है।
कैबिनेट ने कच्चे माल के परिवहन और तैयार उत्पादों पर कर अदायगी कर रहे उद्योगों से सर्टेन गुड्स कैरीड ऑन रोड (सीजीसीआर) दरों के आधार पर लिए जा रहे टैक्स को 50 प्रतिशत के स्थान पर 25 प्रतिशत तक छूट देने को मंजूरी दी है।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में अलग-अलग श्रेणियों के 56 पद भरने को भी स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने ये निर्णय बुधवार को धर्मशाला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया।
इन विभागों में होगी नई भर्तियां
राज्य मंत्रिमंडल ने कोष, लेखा एवं लॉटरी विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक सूचना प्रौद्योगिकी के 50 पद भरने तथा सैनिक कल्याण विभाग में अनुबंध आधार पर कल्याण आयोजकों के शेष 5 पदों को भरने का निर्णय लिया है।
आयुर्वेद विभाग में उप निदेशक तकनीकी के एक पद को भर्ती एवं पदोन्नत नियमों में छूट देकर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जिला लोक संपर्क अधिकारी के भर्ती एवं पदोन्नति के मौजूदा नियमों को बदलने की भी मंजूरी प्रदान की है।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मंडल नंबर-एक को कुल्लू से कुल्लू जिला के बंजार में बदलने और सोलन जिले के ममलीग में उपकोषागार कार्यालय खोलने को भी दी स्वीकृति दी।
सीएम करते रहे इंतजार पर नहीं आए बाली
शीत प्रवास के दौरान सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कांगड़ा के वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली का इंतजार होता रहा। कहा गया कि बाली दिल्ली से हवाई जहाज में करीब 3:30 बजे पहुंच रहे हैं। मिनी सचिवालय के बाहर और अंदर बाली के कैबिनेट मीटिंग में आने को लेकर गुफ्तगू जोरों पर थी।
लोगों, अधिकारियों, नेताओं और पार्टी कार्यकर्ता बाली के आने को लेकर चर्चा में मशगूल थे। आंखें बाली को ताक रही थीं। लेकिन, करीब 4 बजे जब कैबिनेट मीटिंग के कमरे का दरवाजा खुला और तब तक भी बाली नहीं आए तो चर्चाओं का दौर यह शुरू हुआ कि बाली ने सीएम के शीत प्रवास का बॉयकाट कर दिया है।
हालांकि, अंदरखाते बताया गया कि धुंध होने की वजह से बाली की धर्मशाला के लिए हवाई यात्रा नहीं हो पाई। लेकिन, सियासी गलियारों में चर्चाएं अपनी अपनी दिशाएं पकड़ती रहीं। बताया गया कि कैबिनेट हॉल में सीएम भी बाली के आने का इंतजार कर रहे थे।
पंचायत चुनाव को सार्वजनिक अवकाश घोषित
सरकार ने कुल्लू जिले के आनी विकास खंड की ग्राम पंचायत जाबन, नमहोग, ग्राम पंचायत कार्जन और सोयल में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव के तहत 29 जनवरी को (यदि मतदान होता है तो) अवकाश घोषित किया है।
सभी सरकारी कार्यालय, बोर्डों, निगमों, शिक्षण संस्थानों, प्रदेश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में औद्योगिक विवाद निवारण अधिनियम के अंतर्गत संबंधित क्षेत्रों में इस दिन ये संस्थान बंद रहेंगे। दैनिक भोगी कर्मचारियों के लिए इस दिन देय अवकाश होगा।
ऐसे कर्मचारी, जो प्रदेश के विभिन्न भागों में कार्यरत हैं और उन्हें इन पंचायतीराज संस्थानों में मतदान करने का अधिकार है, को संबंधित पीठासीन अधिकारी की ओर से जारी मतदान करने संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।
महंगाई भत्ते पर केंद्रीय मानकों से छेड़छाड़ की
दो प्रतिशत महंगाई भत्ते की जारी सरकार की अधिसूचना का प्रदेश कर्मचारी परिसंघ ने कड़ा विरोध किया है। कहा कि सरकार पूर्व संशोधित वेतनमानों पर दो प्रतिशत महंगाई भत्ता जबरदस्ती थोपकर एक तरफ कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान की तरफ धकेल रही है, वहीं महंगाई भत्ते पर आधारित केंद्रीय सिद्धांतों से भी छेड़छाड़ कर महंगाई भत्ते का अलग पैटर्न खड़ा कर रही है।
प्रदेशाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सरकार महंगाई भत्ते की इस अधिसूचना इस बात की ओर इशारा कर रही है कि सरकार अपनी मर्जी से जो कर्मचारियों को देना चाहे, वहीं मान्य होगा। यह केंद्रीय सेवा नियमों और वेतनमानों के मूलभूत ढांचे के तय मानकों को दरकिनार करना सरीखा है।
यह सब प्रदेश के कर्मचारियों को कभी मान्य नहीं होगा। कहा कि आज तक के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। किसी भी राज्य ने महंगाई भत्ते के तय मानकों से छेड़छाड़ नहीं की है। इससे कर्मचारियों में रोष है। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
जो भी कहता हूं, डंके की चोट पर कहता हूं : बाली
परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने विकास के मसले पर विरोधियों को खुलेआम बहस की चुनौती दी है। सोशल साइट फेसबुक पर डाले ताजा पोस्ट में बाली ने लिखा है कि मेेरी छवि धूमिल करने के इरादे से कुछ कुंठित लोग लगातार मेरे खिलाफ भ्रांतियां फैला रहे हैं।
इसके लिए मीडिया के एक हिस्से में निराधार खबरें भी छपवाई जा रही हैं। बाली ने लिखा है कि ऐसे लोगों को वक्त-वक्त पर मुंहतोड़ जवाब मिलता आया है। अगर ऐसे लोग विकास या जनता से संबंधित किसी मुद्दे पर बहस के पक्षधर हैं तो वे किसी भी मंच पर आ सकते हैं।
मुझे कोई बात कहनी हो तो मैं डंके की चोट पर कहता हूं और सार्वजनिक रूप से कहता हूं। बाली ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि प्रदेश सरकार में जो भी विभाग उन्हें मिले हैं, उनमें क्या और कैसे बेहतर किया जा सकता है, वह इसी में व्यस्त हैं। उनका फोकस अपने विभागों के जरिये जनता तक विकास पहुंचाने, पॉलिसी रिफॉर्म पर काम करने और सिस्टम दुरुस्त रखने में है।