HP Cabinet Decisions: सीएम सुक्खू 17 मार्च को पेश करेंगे बजट, 699 पदों का भर्ती परिणाम जारी करने की मंजूरी
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार को राज्य सचिवालय शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार को राज्य सचिवालय शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यपाल को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 से 28 मार्च 2025 तक आयोजित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 17 मार्च को हिमाचल का बजट पेश करेंगे। बजट सत्र में 15 बैठकें होंगी। 10 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। उसके बाद इस पर चर्चा होगी। 13 मार्च को सीएम चर्चा का जवाब देंगे। मंत्री हर्षवर्धन चौहान व अनिरुद्ध सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी।
छह भर्ती परीक्षाओं का परिणाम जारी करने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने छह पोस्ट कोड के 699 पदों के लंबित परिणामों को घोषित करने की स्वीकृति दी गई। इनमें मार्केट सुपरवाइजर पोस्ट कोड-977, फायरमैन पोस्ट कोड-916, ड्राइंग मास्टर पोस्ट कोड-980, लिपिक हिमाचल प्रदेश सचिवालय पोस्ट कोड-962, लाइनमैन पोस्ट कोड-971 और स्टेनो टाइपिस्ट पोस्ट कोड-928 शामिल हैं। कैबिनेट उप समिति ने इन भर्तियों के परिणाम जारी करने की सिफारिश मंत्रिमंडल से की थी। मंत्रिमंडल ने अब राज्य चयन आयोग को इन पदों का परिणाम जारी करने की स्वीकृति दी है।
तहसीलदार के नाै पद भरे जाएंगे
बैठक में राजस्व विभाग में तहसीलदार के नौ पदों को सृजित करने तथा भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में शिमला जिले के कोटखाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत नवनिर्मित पुलिस चौकी बाघी के लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पदों को सृजित करने तथा भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में योजना विभाग में विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों को भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में कोषागार अधिकारियों के तीन पदों को भरने का निर्णय लिया।
पुलिस चाैकी संजाैली को थाना बनाने की स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने पुलिस चौकी संजौली को पुलिस स्टेशन में स्तरोन्नत करने के साथ विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में शिमला जिले के नेरवा में एक नई अग्निशमन चौकी खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के 17 पदों के सृजन व भरने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने मृत शिशु के जन्म या जन्म के तुरंत बाद शिशु की मृत्यु की स्थिति में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए 60 दिन के विशेष मातृत्व अवकाश को मंजूरी दी। बैठक में सोलन जिले के लोहारघाट में आवश्यक पदों के सृजन व भरने सहित नई उप तहसील खोलने को मंजूरी प्रदान की गई।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग खोलने की मंजूरी
मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट और रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर सहित अन्य 12 पदों के सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। सिरमौर जिले के डॉ. वाईएस परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में पैथोलॉजी विभाग के अंतर्गत इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में एलोपैथिक चिकित्सकों को भारत में या देश के बाहर अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन लेने की अनुमति देने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस सहित ये कोर्स होंगे शुरू
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत महाविद्यालय शिमला के विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसर के 16 स्वीकृत पदों को एसोसिएट प्रोफेसर में स्तरोन्नत करने को मंजूरी प्रदान की। इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक (कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान) और बीटेक (कंप्यूटर विज्ञान) पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ विभिन्न श्रेणियों में आठ पदों को सृजित कर भरने की भी मंजूरी दी। बैठक में शिमला जिले के प्रगतिनगर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ विभिन्न श्रेणियों में सात पदों के सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी। मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग) नामक एक नया डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
135 पुलिस स्टेशनों को छह श्रेणियों में बांटा
मंत्रिमंडल ने जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रमुख अपराध, यातायात, अंतरराज्यीय सीमाओं और पर्यटकों के प्रवाह के मानदंडों के आधार पर सभी 135 मौजूदा पुलिस स्टेशनों को छह श्रेणियों में वर्गीकृत करने का निर्णय लिया। यह भी निर्णय लिया गया कि क्षेत्रीय कार्यालयों को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पुलिस स्टेशनों में कर्मचारियों की पोस्टिंग को उनकी श्रेणी के आधार पर संशोधित किया जाएगा।
सभी प्रवेश टोल बैरियरों पर फास्टैग सुविधा लागू होगी
मंत्रिमंडल बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रवेश कर की वसूली के लिए नीलामी-कम-निविदा प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 11.56 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने चरणबद्ध तरीके से सभी प्रवेश टोल बैरियरों पर फास्टैग सुविधा लागू करने का भी निर्णय लिया। पहले चरण में गरामोड़ा (बिलासपुर), परवाणू (मुख्य) और टियारा बाईपास (सोलन), गोविंदघाट (सिरमौर), कंडवाल (नूरपुर), मैहतपुर (ऊना) और बद्दी (सोलन) में टोल बैरियरों पर फास्टैग शुरू किया जाएगा। बैठक में बिलासपुर जिले की सदर तहसील से आठ पटवार वृतों को शामिल करके नम्होल उप तहसील का पुनर्गठन करने का भी निर्णय लिया गया।
जयराम ने संजौली पुलिस चौकी को फिर से थाना बनाने पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अंदर तानाशाह और तुगलक के व्यक्तित्व समाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह कैबिनेट बैठक से यह और साफ हो गया। आज कैबिनेट के फैसले में संजौली पुलिस चौकी को फिर से थाना बनाने के फैसला समझ से बाहर है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर संजौली को थाना बनाना जरूरी था तो उन्होंने फैसले को क्यों पलटकर उसे चौकी बना दिया। 29 जून 2022 को सरकार ने तो संजौली को थाना भी बना दिया था और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 160 करोड़ रुपए के बजट से 43 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया था।
विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि संस्थानों को डिनोटिफाई करने से पहले पब्लिक नीड असेसमेंट करवाई गई थी। आज तक ऐसी नीड असेसमेंट तो किसी ने भी नहीं सुनी होगी तो क्या इस मामले में मुख्यमंत्री अपने अधिकारियों की ओर से गुमराह किए गए या उन्होंने प्रतिशोध के तहत ऐसी कार्रवाई की या उन्होंने विधानसभा में झूठा बयान दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के उद्योगों पर सरकार की नजर गड़ी हुई है, जिसकी वजह से सब त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहे हैं। स्टील उद्योग से जुड़े लोग महीनों से फरियाद कर रहे हैं कि बिजली के बेतहाशा दाम बढ़ाकर सरकार उन पर जुल्म कर रही है।