सीएम से अवॉर्ड पाकर टॉपर्स ने सुनाई संघर्ष की कहानी, नम कर देंगी आंखें
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जमा दो आर्ट्स संकाय में 94.2 प्रतिशत अंक लेकर हिमाचल में टॉप करने वाले छात्र रोशन लाल के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर रौशन लाल भावुक हो उठे।
उन्होंने बताया कि वह टॉप नहीं करते तो उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका नहीं मिलता। पिता सोनू पेंटर का काम करते हैं। वे इतना नहीं कमा पाते हैं कि उच्च शिक्षा दिलाते। अगर औसत नंबर लेकर ही पास होता तो कॉलेज छूटना था और पिता का हाथ बंटाते हुए पेंटर का काम करना पड़ता।
टॉप करने के बाद पिता ने मुझे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। रौशन का सपना आईएएस बनने का है। पिता को सफलता का श्रेय देते हुए रौशन ने बताया कि आईएएस बनने को वह कड़ी मेहनत करेंगे। शुक्रवार को पुरस्कार लेने के लिए रौशन अपने पिता के साथ आए।
होटल पीटरहॉफ के दरबार हॉल में गर्व से खडे़ रौशन के पिता सोनू ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते रौशन को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए पहले उनके हाथ खड़े हो गए थे। जब बेटा टॉपर बन गया तो उम्मीदे बढ़ गई।
बेटे को सफल बनाने में वह अब पूरा सहयोग करेंगे। रौशन ने जिला सोलन के अर्की स्कूल से जमा दो कक्षा पास की है। माता रंजना देवी गृहिणी हैं। रौशन के दो छोटे भाई-बहन भी हैं।
पिता सिक्योरिटी गार्ड, छुट्टी नहीं ले सकते, अकेले आया टॉपर
जमा दो आर्ट्स संकाय के दूसरा टॉपर राहुल शर्मा जिला मंडी से अकेले मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने के लिए शिमला आए। जोगिंद्रनगर के द्रुबल स्कूल के छात्र राहुल शर्मा ने बताया कि उनके पिता राकेश कुमार एक निजी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड हैं।
उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकती। इस कारण अकेले आना पड़ा। माता रमा देवी गृहिणी है। बड़ा भाई दुकान चलाता है। राहुल एचएएस अफसर बनना चाहते हैं। आईआरडीपी योजना में उन्हें छात्रवृत्ति मिलती है।
पत्थरों की गुढ़ाई कर चलता है घर का खर्च
सोलन के जमराढ़ा की रहने वाली दीक्षा ने बताया कि उनके पिता पत्थरों की गुढ़ाई कर घर का गुजारा चलाते हैं। इसी कमाई से घर के साथ-साथ पढ़ाई का खर्च चलता है। दीक्षा ने जमा दो आर्ट्स की मेरिट में नौवां स्थान पाया है।
अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह में पहुंचे दीक्षा के पिता प्रकाश चंद ने बताया कि उनकी चार बेटियां और एक बेटा हैं। दीक्षा सबसे बड़ी बेटी है। उन्होंने कहा कि कम कमाई होने के बावजूद वे बच्चों की पढ़ाई जारी रखेंगे।
सीएम सर, मेरे परिवार को आईआरडीपी में शामिल करवा दो
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की कला संकाय की बोर्ड मेरिट में पांचवें स्थान पर रही ऊना जिला के लहाड़ गाव अंब के ज्वार स्कूल की इस छात्रा ने मुख्यमंत्री से पुरस्कार पाने के बाद उन्हें अपने परिवार को आईआरडीपी में शामिल कर दो।
इस पर मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर गौर करने का भरोसा दिया। रेखा ने मुख्यमंत्री से कहा कि पिता मजदूरी कर मुझे और मेरे दो भाईयों को पढ़ाने और परिवार का खर्च चला रहे है। मजदूरी के अलावा आय कोई साधन नहीं है, अब तीनों भाई बहन कालेज की पढ़ाई कर रहे है।
शहर के तीन बोर्ड टॉपर, तीनों ही बेटियां
स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट में स्थान पाने पर तीन छात्राओं ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हाथों सम्मान पाया। पीटर हाफ में हुए अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रदेश भर से जुटे बोर्ड परीक्षा टॉपरों के साथ सम्मानित हुई इन छात्राओं ने अपने माता पिता, स्कूल के साथ शहर का नाम रोशन किया।
शहर के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (गर्ल्स) की छात्राओं युक्ता तोमर ने जमा दो की कला संकाय की परीक्षा में बोर्ड मेरिट में तीसरा स्थान पाया जबकि शहरनाज ने कला संकाय में ही तेहरवां स्थान पाया। वहीं मोनाल पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रिया पठानिया ने जमा दो वाणिज्य संकाय में बोर्ड मेरिट में 12वां स्थान पाया।
सम्मान पा कर और आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा
पोर्टमोर की कला संकाय में तीसरे रैंक पर रही युक्ता तोमर आगे की पढ़ाई जारी रखकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं। युक्ता ने कहा कि अमर उजाला के इस समारोह में दीप चंद कृषक (सिरमौर शिलाई) के सामने सम्मानित हो कर उसे और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
मेहनत के बाद मिली सफलता की खुशी हुई दोगुनी
पोर्टमोर की ही कला संकाय की बोर्ड मेरिट में 13वें स्थान पर रहकर सम्मानित हुई छात्रा शहनाज ने कहा कि मेहनत के बाद मिली सफलता की खुशी को अमर उजाला ने दोगुना कर दिया है, पिता शुक्रदीन मस्ताना ने कहा कि अमर उजाला ने इस समारोह में बेटी को सीएम के हाथों सम्मानित होने का यह पल उन्हें हमेशा याद रहेगा।