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नर्सरियों पर सब्सिडी में घपले की आशंका, होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Wed, 16 May 2018 08:40 AM IST
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बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने नर्सरियों की सब्सिडी में घपले की आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई इस खरीद-फरोख्त की जांच होगी।
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कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जितने सेब या अन्य फलों के पौधे बागवानों को बेचे गए, उस हिसाब से प्रदेश में बगीचे नहीं लग पाए हैं। उत्पादित सेब पौधों का चौथा हिस्सा भी हिमाचल प्रदेश में उगा दिया गया होता तो तस्वीर ही कुछ और होती।
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हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में सेब और अन्य फ लों की नर्सरियां पंजीकृत हैं। इनसे बागवानी महकमा सरकारी रेट पर पौधे खरीदता है और सब्सिडी पर आगे बागवानों को बेचता है। हर साल सैकड़ों पंजीकृत नर्सरियों से ये खरीद होती है।
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पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई अनियमितता की छानबीन होगी
लाखों पौधे खरीदे जाते हैं। इन्हें बागवानी ब्लॉकों के माध्यम से आगे रियायती दरों पर बागवानों को बेचा जाता है। पिछली सरकार के वक्त इसी खरीद-फरोख्त पर मंगलवार को बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने अंगुली उठाई है।
उद्यान मंत्री ने मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि नर्सरियों में जो हुआ, उसे घपला ही कह सकते हैं। नर्सरियों को खुली छूट दी गई है कि वे जिस मर्जी को पौधे बेचें।
उन्होंने कहा कि उस दौरान नाम बदल दो और चोर दरवाजा खोल दो, जैसी स्थिति रही। पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई इस अनियमितता की छानबीन होगी।
उद्यान मंत्री ने मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि नर्सरियों में जो हुआ, उसे घपला ही कह सकते हैं। नर्सरियों को खुली छूट दी गई है कि वे जिस मर्जी को पौधे बेचें।
उन्होंने कहा कि उस दौरान नाम बदल दो और चोर दरवाजा खोल दो, जैसी स्थिति रही। पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई इस अनियमितता की छानबीन होगी।