{"_id":"6249c900211db06b32570785","slug":"hindustan-unilever-mou-with-hp-govt-ration-at-affordable-prices-in-ration-dipos-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: महंगाई की मार, डिपुओं में सस्ता सामान देने से कंपनियों का इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: महंगाई की मार, डिपुओं में सस्ता सामान देने से कंपनियों का इनकार
Mon, 04 Apr 2022 11:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 04 Apr 2022 11:59 AM IST
सार
सस्ता सामान उपलब्ध करवाने के लिए आईटीसी और हिंदुस्तान यूनीलीवर कंपनी ने हिमाचल प्रदेश सरकार से एमओयू साइन किया था। अब महंगाई बढ़ने के बाद इन कंपनियों ने सस्ता सामान उपलब्ध करवाने से मना कर दिया है।
विज्ञापन
साबुन- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महंगाई की मार अब सस्ते राशन के डिपुओं पर भी पड़ने लगी है। प्रदेश के 19 लाख उपभोक्ताओं को अप्रैल से बाजार भाव से 15 फीसदी सस्ता सामान जैसे चाय पत्ती, मसाले, साबुन, कपड़े धोने वाला पाउडर, क्रीम आदि नहीं मिलेगा। सस्ता सामान उपलब्ध करवाने के लिए आईटीसी और हिंदुस्तान यूनीलीवर कंपनी ने हिमाचल प्रदेश सरकार से एमओयू साइन किया था। अब महंगाई बढ़ने के बाद इन कंपनियों ने सस्ता सामान उपलब्ध करवाने से मना कर दिया है। कंपनियों ने नए दाम पर टेंडर करने की सरकार से मांग की है। हालांकि कुछ और कंपनियों ने भी सस्ता सामान देने के लिए एमओयू साइन किया है।
विज्ञापन
दोनों कंपनी प्रबंधकों ने कहा कि महंगाई के बाद अब तय रेट पर सामान देना मुमकिन नहीं है। बता दें कि सरकार इस माह से बाजार भाव से 20 से 25 फीसदी सस्ता सामान कंपनियों से खरीदकर उपभोक्ताओं को 15 फीसदी सस्ता देने जा रही थी। 10 फीसदी मार्जन खाद्य आपूर्ति निगम का था। इस मार्जन से डिपो होल्डर की कमीशन के अलावा अन्य खर्च निकाले जाने थे।
विज्ञापन
20 से ज्यादा कंपनियों ने किए हैं साइन
खाद्य आपूर्ति निगम के मुताबिक 20 से ज्यादा कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं। डिपो में इन दिनों मार्बल चाय, मसाले, कपड़े धोने का साबुन व पाउडर ही आ रहा है।
विज्ञापन
कंपनियों के साथ एमओयू साइन हुए हैं। दो कंपनियां सामान देने से इंकार कर रही है तो इसका रास्ता निकाला जाएगा। अधिकारियों से इस बारे बात होगी। - राजेंद्र गर्ग, खाद्य आपूर्ति मंत्री