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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hindu New Year 2022: 1100 lamps were lit on the ridge of Shimla, also made a grand rangoli

हिंदू नववर्ष 2022: शिमला के रिज पर 1100 दीप जलाकर और भव्य रंगोली बनाकर किया स्वागत

Sat, 02 Apr 2022 11:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 02 Apr 2022 11:06 PM IST
सार

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का शुभ दिन भारतीय नव वर्ष का प्रतीक है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र प्रतिपदा के दिन ब्रह्मांड की रचना हुई थी। हिमाचल में चैत्र के महीने का अपना महत्व है और एक महीने तक लोक गायक घर-घर जाकर लोगों को इस पावन अवसर पर बधाई देते हैं। 

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Hindu New Year 2022: 1100 lamps were lit on the ridge of Shimla, also made a grand rangoli
रिज पर प्रज्वलित किए 1100 दीप, भव्य रंगोली भी बनाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी और हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी ने संयुक्त रूप से भारतीय नव संवत्सर परंपरा उत्सव का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इस उपलक्ष्य पर रिज मैदान पर 1100 दीप जलाए गए और भव्य रंगोली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की ओर से बनाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का शुभ दिन भारतीय नव वर्ष का प्रतीक है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र प्रतिपदा के दिन ब्रह्मांड की रचना हुई थी।

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हिमाचल में चैत्र के महीने का अपना महत्व है और एक महीने तक लोक गायक घर-घर जाकर लोगों को इस पावन अवसर पर बधाई देते हैं। इस अवसर पर डॉ. रवि आर्य, डॉ. चेतराम गर्ग, डॉ. कृष्ण मोहन पांडे और डॉ. ओम प्रकाश शर्मा ने चैत्र प्रतिपदा पर अपने विचार व्यक्त किए। हेमराज चंदेल और डॉ. लाल चंद ने नव संवत्सर पारंपरिक गीत चैती गीत और गोपाल शर्मा धामी ने लोक रामायण प्रस्तुत किया। इस मौके पर सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति राकेश कंवर, सचिव हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला डॉ. कर्म सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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सरस मेले में बुशैहर दिव्यांग समूह को मिला प्रथम पुरस्कार

वहीं,  रिज मैदान पर आयोजित सरस आजीविका मेले में बुशैहर दिव्यांग स्वयं सहायता समूह को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस समूह की आय सरस मेले में लगभग तीन लाख रुपये के करीब रही। द्वितीय पुरस्कार सारथी स्वयं सहायता समूह हरियाणा को मिला, इस समूह ने एक लाख 70 हजार रुपये कमाए। इसके अलावा एक लाख 50 हजार रुपये अर्जित करने पर न्यू आजीविका स्वयं सहायता समूह हमीरपुर को तृतीय पुरस्कार मिला। गेयटी थियेटर में आयोजित समापन समारोह में इन समूहों को पुरस्कृत किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला ग्रामीण अभिकरण विभाग के उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी संजय भगवती ने की।  

उन्होंने कहा कि मेलों में स्वयं सहायता समूहों को अपने हस्त निर्मित, पारंपरिक और ग्रामीण उत्पादों को बेचने के लिए मंच मिला है। संजय शनिवार को सरस आजीविका मेले के समापन समारोह में बोल रहे थे। मेले में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को लगभग 40 लाख रुपये की आय हुई। मेले प्रदेश के नौ जिलों के अतिरिक्त देश के 13 अन्य राज्यों के स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक एवं जिला मिशन प्रबंधक राष्ट्रीय आजीविका मिशन नरेश शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रुचि ठाकुर और विकास अधिकारी (महिला कार्यक्रम) साधना चौहान मौजूद रही। 

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