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लिटफेस्ट के आखिरी दिन भी हिंदू संगठनों का हंगामा, तीन हिरासत में लिए
Mon, 14 Oct 2019 05:22 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कसौली (सोलन)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कसौली (सोलन)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 14 Oct 2019 05:22 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन रविवार को भी हिंदूवादी संगठनों ने आयोजन स्थल के बाहर जमकर हंगामा किया। पाकिस्तान पर चर्चा और अनुच्छेद-370 की पैरवी का विरोध कर रहे संगठन के कार्यकर्ताओं ने कसौली क्लब के बाहर नारेबाजी की।
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इस दौरान कार्यकर्ता दो-तीन दिन से गेट पर धार्मिक किताबें बेच रहे एक व्यक्ति से भी उलझ पड़े और किताबें नीचे गिरा दीं। पुलिस प्रदर्शन कर रहे तीन युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां किताब विक्रेता से समझौते के बाद इन्हें छोड़ दिया गया।
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लिटफेस्ट में हिस्सा लेने पहुंची एक महिला ने प्रदर्शनकारियों को मौके से चले जाने को भी कहा लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी और नारेबाजी जारी रखी। बजरंग दल के प्रदेश सहसंयोजक पवन समैला ने कहा कि लिटफेस्ट के दौरान हिंदू भावनाओं को भड़काने का प्रयास हुआ है। अनुच्छेद 370 का समर्थन और बाबरी मस्जिद पर टिप्पणी से पूर्व साहित्यकारों को सोच विचार करना चाहिए था।
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श्रीराम जन्मभूमि मामला करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ा है। यह बयान हिंदू भावनाओं को भड़काने वाला है। इस मौके पर उनके साथ कृष्ण डोडा, संजीव पराशर, जितेंद्र, सुरेंद्र कुमार, देवेंद्र चंदेल, मुकेश कासला, गुरमीत सिंह, बलवंत भट्टी, कृष्ण पाल, मदन लाल, वीर सिंह कश्यप, जोगेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार और राजकुमार आदि मौजूद थे।