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किताब खरीद में अनियमितताओं के खिलाफ हिंदी प्रकाशक संघ ने किया प्रदर्शन

Wed, 04 Aug 2021 04:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 04 Aug 2021 04:36 PM IST
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Hindi Prakashak Sangh protest outside himachal pradesh vidhan sabha
हिंदी प्रकाशक संघ का विरोध प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

राज्य शिक्षा विभाग में करीब दस करोड़ से की जाने वाली किताब खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ हिंदी प्रकाशक संघ ने बुधवार को विधानसभा स्थित चौड़ा मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर-मध्य भारत हिंदी प्रकाशक संघ और अखिल भारतीय हिंदी प्रकाशक संघ के बैनर तले यह विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रकाशक संघ समग्र शिक्षा अभियान में किताब खरीद में कई अनियमितताएं उजागर कर रहे हैं। बीते दो माह से प्रकाशकों और शिक्षा विभाग में गतिरोध बना हुआ है।

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संघ ने चेतावनी दी कि अगर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग अपनी मनमानी से बाज नहीं आया तो संघ कुछ भी करने को तैयार होगा। प्रकाशक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि देश में 900 प्रकाशक हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने 49 फर्मों की किताबें चयन कर लाइब्रेरी में लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए समिति का चयन होना चाहिए था। समिति जो फैसला लेती वह मान्य होता।
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उन्होंने आरोप लगाया कि 2 से 3 प्रकाशक हैं जिन्होंने अलग अलग नाम से फर्म बनाई है। इन्हें फायदा पहुंचाने के लिए इस कार्य को अंजाम दिया दिया। उन्होंने कहा कि 1 से 10 प्रतियों पर 10 फीसदी, 11 से 25 प्रतियों पर 15 फीसदी, 25 से अधिक 100 प्रतियों तक 20 फीसदी, 100 से 300 प्रतियों तक 30 और 300 से अधिक क्रय करने पर 35 फीसदी छूट निर्धारित है।
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लेकिन समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय में पुस्तकों के क्रय में प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन किया गया है। पुस्तकों के क्रय पर 10 फीसदी छूट अतिरिक्त पुस्तक के रूप में ली गई। वाणी प्रकाशन के संचालक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश का शिक्षा विभाग देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की बेहतरीन किताबों को नजरअंदाज न करे। साहित्यिक प्रकाशक विभोर अग्रवाल ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ, कानपुर व आगरा जैसे प्रकाशन केंद्र से एक भी प्रकाशक की किताब चयनित नहीं की गई है। 


प्रकाशकों का दूसरा संघ आया सरकार के समर्थन में 
राष्ट्रीय हिंदी प्रकाशक संघ ने कहा है कि विधानसभा के बाहर किया गया प्रदर्शन एक प्रायोजित आयोजन है। संघ की संयुक्त मंत्री रुचिका अग्रवाल ने कहा कि यह लोग सरकार और विभाग को डराकर काम लेने का प्रयास कर रहे हैं। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर काम लेने का प्रयास किया जा रहा है। 

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