हिमाचल में मार्च तक ही बनेंगे हिम केयर योजना के कार्ड
हिमाचल के लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई हिम केयर योजना के मार्च महीने तक ही कार्ड बनाए जाएंगे। इच्छुक लोग इस सुविधा का लाभ लेने को ऑनलाइन और लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज अब संभव होगी। प्रदेश में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सितंबर 2018 से सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को समझते हुए सरकार ने हिम केयर योजना का शुभारंभ किया है। इसके तहत अब तक 2.71 लाख परिवार योजना में शामिल किए गए हैं। योजना में पंजीकरण के लिए सरल प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।
अब कोई भी लाभार्थी www.hpsbys.in वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और श्रेणी प्रमाण पत्र अपलोड करवाकर नामांकन कर सकते हैं। इस प्रणाली के तहत अब तक हिमकेयर में 4144 लाभार्थी परिवार और जुड़ चुके हैं। यह सुविधा लोक मित्र केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी उपलब्ध रहेगी।
लाभार्थी अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर निर्धारित प्रीमियम के अतिरिक्त 50 रुपये का शुल्क अदा कर दस्तावेज अपलोड से लेकर ई कार्ड डाउनलोड तक की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण कर पाएगा। उन्होंने बताया कि नामांकन, नवीनीकरण की प्रक्रिया केवल मार्च माह तक ही जारी रहेगी।
यह रहेंगी प्रीमियम की दरें
गरीबी रेखा से नीचे और पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी वाले (जो आयुष्मान भारत में पंजीकृत नहीं हैं) से प्रीमियम नहीं लिया जाएगा। एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष की आयु से अधिक वरिष्ठ नागरिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कार्यकर्ता, दिहाड़ीदार, अंशकालिक कार्यकर्ता, अनुबंध कर्मचारी से 365 रुपये का प्रीमियम लिया जाएगा।
इसके अलावा जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी नहीं है, केवल 1000 रुपये देकर योजना के तहत कार्ड बनवा सकते हैं। लाभार्थी परिवार के लिए पॉलिसी अवधि नामांकन, नवीनीकरण के अनुमोदन की तिथि से बारह माह तक रहेगी। नवीनीकरण के लिए लाभार्थियों को मोबाइल संदेश के माध्यम से एक लिंक भेजा जाएगा। इस लिंक के माध्यम से लाभार्थी निर्धारित प्रीमियम की राशि का भुगतान ऑनलाइन करके नवीनीकरण करवा सकता है।
193 अस्पताल पंजीकृत, 1800 उपचार प्रक्रियाएं शामिल
आम व गंभीर बीमारियों की करीब 1800 उपचार प्रक्रियाएं शामिल हैं। योजना के तहत प्रदेश में 193 अस्पताल पंजीकृत किए गए हैं। इनमें लाभार्थी निशुल्क इलाज प्राप्त कर सकते हैं। मंत्री ने इस संबंध में सभी अस्पतालों व चिकित्सकों तथा अन्य स्टॉफ को आम लोगों को योजना के तहत सुविधा देने के निर्देश दिए हैं।