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इन देशों में बढ़ी हिमाचली सेब की मांग, फल मंडियों में पहुंचे पड़ोसी देशों के आढ़ती

Mon, 18 Jul 2016 10:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 18 Jul 2016 10:20 AM IST
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himachali apple demand in Nepal and Bangladesh

नई दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई ही नहीं बल्कि हिमाचली सेब की इस बार नेपाल और बांग्लादेश की फल मंडियों में भी खूब मांग है। सार्क देशों के साथ मुक्त व्यापार का रास्ता खुला होने के कारण इन देशों से व्यापारी खुद हिमाचल आ रहे हैं। वे शिमला समेत प्रदेश भर की मंडियों में खुद सेब पर बोलियां लगा रहे हैं। इन्हें खरीदकर नेपाल और बांग्लादेश भेज रहे हैं।

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नेपाल के काठमांडू से आए व्यापारी अशोक कुमार आजकल शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी में सेब खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल उन्होंने पांच करोड़ रुपये का सेब इस फल मंडी से खरीदा। इस बार भी वे सेब के फलों को खरीदेंगे और इन्हें नेपाल जाकर बेचेंगे। उनका कहना है कि इस साल नेपाल से एक दर्जन से अधिक व्यापारी इस मंडी में सेब की खरीद को आ रहे हैं।
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भट्टाकुफर फल मंडी के आढ़ती संजीव सुंटा ने बताया कि नेपाल और बांग्लादेश से आए आढ़ती इस फल मंडी में पहुंचने शुरू हो गए हैं। ये अभी सेब सीजन के शुरुआत में ही फलों की खरीद करते हैं। बाद में जब चीन का सेब नेपाल और बांग्लादेश आना शुरू हो जाता है तो ये लौट जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अन्य मंडियों में भी इन दोनों देशों के आढ़ती पहुंच रहे हैं।
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2900 रुपये तक बिक रही रेड डिलिशियस सेब की पेटी
इस बार फसल कम होने के कारण मार्केट में सेब की ब्रिकी ने उछाल पकड़ लिया है। अच्छी रेड डिलिशियस किस्म के सेब की एक पेटी 2900 रुपये तक बिक रही है। टाइडमैन किस्म का सेब भी 1900 रुपये प्रति पेटी तक बिक रहा है। इससे फसल कम होने के बावजूद बागवानों को अच्छा पैसा मिल रहा है।

इस बार एक करोड़ पेटियां कम होने का पूर्वानुमान
हिमाचल के बागवानी विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार सेब की महज 2.76 करोड़ पेटियां ही हो सकती हैं, जबकि पिछले साल 3.77 लाख पेटियों की पैदावार हुई थी। यानी इस बार पिछले साल से एक करोड़ पेटियां कम हैं।


सेब की खरीद के लिए पड़ोसी देशों से व्यापारियों का आना अच्छा है। इससे हिमाचल के बागवानों को प्रतिस्पर्धात्मक दाम भी मिलेंगे। विश्व बैंक की परियोजना के लागू होने के बाद अच्छी किस्म के सेब पौधे मिलते ही आने वाले समय में हिमाचल के निचले क्षेत्रों में भी सेब की खूब पैदावार होगी। इससे देश और विदेश के खरीदारों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण सेब मिलेगा। -जेसी शर्मा, प्रधान सचिव, बागवानी, हिमाचल प्रदेश

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