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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal: Workers in the private sector will be able to work 144 hours of overtime, Shop and Commercial Establ

हिमाचल: निजी क्षेत्र में कामगार 144 घंटे का कर सकेंगे ओवरटाइम, संशोधन विधेयक आज होगा पारित

Wed, 03 Dec 2025 10:04 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 03 Dec 2025 10:04 AM IST
सार

निजी क्षेत्र में काम करने वाले कामगार साल की एक तिमाही में 144 घंटे का ओवरटाइम कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान स्थापना अधिनियम में बड़ा बदलाव करेगी। 

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Himachal: Workers in the private sector will be able to work 144 hours of overtime, Shop and Commercial Establ
तपोवन विधानसभा परिसर/उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में निजी क्षेत्र में काम करने वाले कामगार साल की एक तिमाही में 144 घंटे का ओवरटाइम कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान स्थापना अधिनियम में बड़ा बदलाव करेगी। इस संबंध में मंगलवार को उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा। अब बुधवार को विधानसभा में इस विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव किया जाएगा। इस विधेयक में प्रस्तावित किए गए संशोधनों के अनुसार अधिनियम की धारा 7 में निर्धारित ओवरटाइम की सीमा को बदला जाएगा।

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वर्तमान में यह सीमा प्रति तिमाही 50 घंटे है, जिसे बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही किया जाना प्रस्तावित है। ओवरटाइम का भुगतान सामान्य प्रति घंटा मजदूरी के दोगुने के आधार पर किया जाएगा।इससे निजी क्षेत्र के कामगारों की आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त वर्तमान अधिनियम के तहत सभी प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। नए संशोधन के बाद यह बाध्यता केवल 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होगी।

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इससे छोटे कारोबारों पर नियमों का बोझ कम होगा। चौहान ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 1969 में बनाया गया था। पिछले पांच दशकों में कामकाज की परिस्थितियों और सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बड़े बदलाव आए हैं, ऐसे में कानून को वर्तमान जरूरतों के मुताबिक अपडेट करना जरूरी हो गया था। अधिनियम को अधिक प्रासंगिक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाना संशोधन का उद्देश्य बताया गया है। यह कदम राज्य के लाखों निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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स्वास्थ्य संस्थानों में 513 विशेषज्ञ चिकित्सक
विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में 513 विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत है। जिन संस्थानों में इनकी तैनाती की गई हैं, वहां अधिकतर स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक उपकरण, अवसंरचना थियेटर, अल्ट्रासाउंड व अन्य सुविधा उपलब्ध है। वहीं 23 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 56 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जहां उपकरण, अवसंरचना थियेटर, अल्ट्रासाउंड नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक त्रिलोक जम्वाल के प्रश्न के उत्तर में दी। 
प्रदेश में 10,448 मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। खुदरा और थोक औषधि विक्रेताओं को लाइसेंस औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं औषधि एवं प्रसाधन सामग्री 1945 में निहित प्रावधानों व नियमों के अनुसार लाइसेंस दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। 

राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग को नहीं मिला पैसा
 केंद्र की विभिन्न योजनाओं से राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग को कोई धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। 15 वें वित्तायोग के सिफारिशों के तहत केंद्र से आपदा जोखिम प्रबंधन निधि के तहत पुननिर्माण एवं पुनप्राप्ति शमन की गतिविधियों के लिए 34 सौ 52 करोड़ 3 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी भाजपा विधायक बलवीर सिंह वर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (रियायतें) और खनिज (अवैध खनन व भंडारण निवारण) के नियम के तहत 1 जनवरी, 2023 से 31 जुलाई, 2025 तक अवैध खनन के 1108 मामले दर्ज किए गए हैं। 711 मामलों में विभाग ने 1.80,00,375 रुपये का जुर्माना वसूला है।

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