Himachal Weather: कई भागों में चार दिन बारिश-बर्फबारी के आसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बदलेगा मौसम
प्रदेश में 25 नवंबर की रात से ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई भागों में चार दिनों तक बारिश-बर्फबारी की के आसार हैं।
विस्तार
प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 8.2, सुंदरनगर 4.5, भुंतर 3.3, कल्पा 2.8, धर्मशाला 9.2, ऊना 6.4, नाहन 11.6, पालमपुर 6.5, सोलन 4.8, मनाली 3.1, कांगड़ा 9.0, मंडी 5.8, चंबा 7.1, डलहौजी 8.4, जुब्बड़हट्टी 9.2, कुफरी 8.0, नारकंडा 5.8, रिकांगपिओ 5.1, सेऊबाग 3.0, धौलाकुआं 9.7, बरठीं 8.3, समधो माइनस 2.2, पांवटा साहिब 13.0, सराहन 6.5 और देहरागोपीपुर में 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
अधिकतम तापमान
ऊना में अधिकतम तापमान 25.0, नाहन 22.7, सोलन 25.2, डलहौजी 15.0, चंबा 22.6, कुकुमसेरी 15.0, मनाली 17.2, केलांग 10.5, धर्मशाला 23.0, कांगड़ा 23.3, मंडी 23.6,भुंतर 25.1, समधो 15.0, सुंदरनगर 24.6, कल्पा 17.1, बरठीं 23.0, नारकंडा 14.9, रिकांगपिओ 19.4, शिमला 18.4, कुफरी 13.5, जुब्बड़हट्टी 20.9, और धौलाकुआं में 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बर्फबारी से पहले चौहारघाटी, छोटा भंगाल में पांच माह का एडवांस राशन मिलना शुरू
उधर, चौहारघाटी और छोटा भंगाल में सर्दियों और बर्फबारी से पहले उपभोक्ताओं को पांच माह का एडवांस राशन मिलना शुरू हो गया है। यहां की 13 सहकारी सभाओं के राशन डिपुओं पर नवंबर में ही अगले पांच माह का राशन मिलना शुरू हो गया है। डिपो संचालकों ने उपभोक्ताओं से यह भी कहा है कि वे जल्द से जल्द राशन का उठा लें ताकि बर्फबारी में किसी भी तरह से कठिनाई न हो। बरोट अन्न भंडार के प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि छोटा भंगाल की छेरना, लोहारडी, मुल्थान, कोठी कोढ, बडा गांव, चौहारघाटी की कुटगढ़, बरोट, लपास, बोंचिंग, थल्टुखोड़, टिकन सभाओं को सर्दियों और बर्फबारी को देखते हुए पांच महीनों का एडवांस राशन मार्च तक दिया जा रहा है।
सहकारी सभाओं के सेल्समैन राजेंद्र, कृष्ण, श्याम आदि ने कहा कि इन सहकारी सभाओं के तहत आने वाले उपभोक्ता जल्द से जल्द राशन उठा सकते हैं। उधर, राशन के अलावा स्थानीय लोग पशुओं को भी चारा आदि एकत्रित करने में जुटे हुए हैं। किसान सीता राम, लछमन, बीरी सिंह, राम सिंह ने कहा कि इस बार बर्फबारी जल्दी आ सकती है। ऐसे में किसान आजकल यहां पर पशुओं के लिए घास और चारा एकत्रित कर रहे हैं। इसके अलावा किसान फसलों की बिजाई में भी जुटे हैं।