Himachal Rain: भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही जारी, पांच लोगों की मौत; राज्य में 1334 सड़कें ठप, स्कूल भी बंद
लगातार जारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में सैकड़ों सड़कें बंद है। सैकड़ों गांवों में बिजली-पेयजल की आपूर्ति ठप है।
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विस्तार
आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही जारी है। रविवार से लगातार जारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में मंगलवार रात 9 बजे तक चार नेशनल हाईवे सहित 1334 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 2180 बिजली ट्रांसफार्मर व 777 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित होने से सैकड़ों गांवों में बिजली-पेयजल की आपूर्ति ठप है। भूस्खलन की चपेट में आने से दो महिलाओं की माैत हो गई है। नेरवा की ग्राम पंचायत मधाना में मकान पर हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक युवक की माैत हो गई। जबकि दंपती घायल हैं।
कसौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत भावगुड़ी के समलोह (बस्तला) में सोमवार रात एक मकान गिरने से महिला की मौत हो गई। हादसे में हेमलता (40) पत्नी हिम राम की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह नायब तहसीलदार कृष्णगढ़ सूरत सिंह ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का दौरा किया। पंचायत प्रधान दुर्गावती और पूर्व प्रधान बलदेव सिंह की मौजूदगी में प्रशासन ने फौरी राहत के तौर पर 20,000 रुपये की सहायता प्रदान की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन भेज दिया है।
आनी के नए बस स्टैंड में दो मंजिला मकान गिरा
सभी जिलों में आज स्कूल बंद
उधर, मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर कांगड़ा, बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, लाहौल, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, चंबा, किन्नौर और मंडी में आज स्कूल बंद रखे गए हैं। शिक्षकों को घरों से ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बीती रात सीएचसी तकलेच के पास भारी भूस्खलन के कारण देवठी, कूहल पटैना, मुनिश बाहली, काशापाट, दरकाली तकलेच मार्ग पूर्ण रूप से बंद हो गया। बिजली के पोल टूटने के कारण विद्युत आपूर्ति भी पूर्ण रूप से बंद हो गई। अभी तक कोई भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है ।

इतने दिन बरसेंगे बादल, तीन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से मंगलवार दोपहर जारी ताजा बुलेटिन में आज कांगड़ा, चंबा और कुल्लू जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि मंडी, शिमला, सोलन, सिरमाैर, किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकि जिलों में येलो अलर्ट है। इसी तरह 3 सितंबर के लिए कांगड़ा, मंडी, सिरमाैर व किन्नाैर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 8 सितंबर तक राज्य में बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। सितंबर में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य व सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। बीती रात नयना देवी में 198.2, रोहड़ू 80.0, जोत 61.2, बग्गी 58.5, कुकुमसेरी 55.2, नादौन 53.0, ओलिंडा 50.0, नंगल डैम 49.8, ऊना 49.0, बीबीएमबी 48.0, भुंतर 47.7, सराहन 47.5, बंजार 42.0 व बिलासपुर में 40.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
चंबा जिले में 239 सड़कें ठप
भरमौर-पठानकोट हाईवे जांघी से भरमौर तक और बनीखेत, परिहार में बंद है। चंबा जिले की 239 सड़कें, 207 बिजली ट्रांसफार्मर व 100 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। सड़कें बंद होने से पैदल लोग आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से दूध, सब्जियां शहर समेत बाजारों में नहीं पहुंच पा रही हैं। वहीं ऊना के घरवासड़ा के घ्योड़ गांव में भारी वारिश के चलते भूस्खलन से तीन घरों को खतरा पैदा हो गया है। इसके कारण होने तरसेम लाल पुत्र संत राम, जगदीश चंद पुत्र संत राम, पिंकी देवी पत्नी स्वर्गीय गुरबक्श सिंह के परिवार के 11 लोगों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया।
ढालपुर में दो लोग मलबे में दबे, महिला की मौत
कुल्लू के ढालपुर में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में दो लोग मलबे में दब गए। इनमें एक महिला की मौत हो गई। महिला का शव क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के शव गृह में रखा गया है, जबकि एक व्यक्ति घायल है और उसका अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब 11:30 बजे नगर परिषद के वार्ड नंबर आठ में स्थित एक मकान के पीछे लगाई गई सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे मकान जद में आया और महिला मलबे में दब गई। महिला को बचाने गया व्यक्ति भी चपेट में आया। हालांकि, सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम ढालपुर पहुंची और दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला, लेकिन महिला की जान नहीं बच सकी।
मानसून में अब तक 327 लोगों की माैत
प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,15,808.98 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 1 सितंबर तक 327 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 385 लोग घायल हुए हैं। 41 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 156 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,669 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,813 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,898 पालतु पशुओं की मौत हुई है।
भारी बारिश से भदसाली पुल के पिलर क्षतिग्रस्त
हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत भदसाली पुल के पिलर क्षतिग्रस्त होने के चलते गगरेट मार्ग को आगामी आदेशों तक बंद कर दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते भदसाली पुल के पिलर क्षतिग्रस्त हुए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लोक निर्माण विभाग लगातार कार्य कर रही है।
फिर उफान पर आया मनालसु नाला, टेंपो ट्रैवलर बीच में फंसा
ओल्ड मनाली का मनालसु नाला फिर उफान पर आ गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर बढ़ गया है। नाले का पानी 26 अगस्त को ढह चुके पुल के एक छोर से बह रहा है। वहीं ओल्ड मनाली की ओर जा रहा एक टेंपो ट्रैवलर भी पानी के उफान में फंस गया है। प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
मंधला से गुनाई सड़क पर पहाड़ी से आया मलबा
सोलन जिले में मंधला-गुनाई सड़क पर ड्रेनेज बंद हो गई। इससे पहाड़ी से पानी के साथ मलबा सड़क पर आ गया। मलबा आने से सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। यहां से वाहनों की आवाजाही बंद है। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही है।
कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा में भूस्खलन, रोकी आवाजाही
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सनवारा के नजदीक पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। इस कारण सड़क पर आवाजाही को रोक दी गई। हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। सनवारा में मलबा आने से हाईवे के ठीक ऊपर से गुजर रहे कसौली रोड को भी खतरा मंडराने लग गया है। दत्यार से धर्मपुर तक सड़क की पहाड़ी वाली लेन को बंद कर दिया है और ट्रैफिक डायवर्ट किया है। चक्कीमोड़ में भी वनवे ट्रैफिक चला हुआ है। परवाणू से कैथलीघाट तक जगह-जगह सड़क पर मलबा गिरा है और गाड़ियां जोखिम उठाकर आवाजाही कर रही हैं।
मंडी के पड्डल वार्ड में गुरुद्वारा के पास भूस्खलन से आधा दर्जन घरों को खतरा
मंडी शहर के पड्डल वार्ड में गुरुद्वारा के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से आधा दर्जन घर खतरे की जद में आ गए हैं। यहां प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन घरों को खाली करवा दिया है। सोमवार रात भी यहां भूस्खलन होने से जोर के धमाके की आवाज आई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और पूरा मोहल्ला ही घरों से बाहर निकल आया। प्रभावित योगेश राणा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला शुरू हुआ। इस कारण आधा दर्जन घरों पर खतरा मंडरा गया है। एक घर की छत पर यह सारा मलबा गिरा हुआ है जबकि पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान और पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए यहां कुछ ऐसी व्यवस्था करने की मांग उठाई है ताकि खतरे को टाला या कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों में नहीं रुक पा रहे हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के घरों पर शरण लेनी पड़ी है।
मनाली-लेह हाईवे ठप होने से फंसे वाहन
मनाली-लेह हाईवे ठप होने से कोकसर में 250 वाहन फंस गए हैं। तीर्थन घाटी में सात घर खाली कराए गए हैं। प्रदेश में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भूस्खलन होने के चलते कालका-शिमला रेललाइन की सभी ट्रेनें 5 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं। किन्नौर के निगुलसरी, नाथपा के पास नेशनल हाईवे पांच बंद होने से टापरी में सेब की 7000 पेटियां भी फंस गई हैं।

न्यू शिमला सेक्टर-4 में एंबुलेंस रोड पर आईं दरारें, घरों को भी खतरा
शिमला के न्यू शिमला सेक्टर-4 में एंबुलेंस रोड में दरारें आ गई हैं। डंगा भी गिरने वाला है। इससे सड़क के नीचे के घरों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं सड़क के धंसने से ऊपर की ओर बने कई मकानों को भी खतरा बढ़ जाएगा। प्रशासन की टीम बीते रोज मौके का दौरा कर कर चुकी है,लेकिन खतरे के साए में जी रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कोई कदम नहीं उठाया गया है। सड़क को तिरपाल से ढका गया है।
सोलन के वार्ड नंबर 17 में दो मकानों को खतरा, दीवार और डंगा ढहने से आईं दरारें
सोलन के वार्ड नंबर 17 में लगातार हो रही बारिश के कारण दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है। नाले के साथ बना डंगा ढहने के कारण मकान के आसपास बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और घर की दीवार भी गिर चुकी है। इस वजह से वहां रहने वाले लोगों को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मकान मालिक ने बताया कि प्रशासन ने माैके का मुआयना किया लेकिन खानापूर्ति कर कर चला गया। प्रशासन की ओर से कोई भी राहत कार्य नहीं किया गया है।
आपदा अधिनियम लागू करने और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए: सीएम
सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है और हमारा प्रयास है कि लोगों को हेलिकाप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। हमने इस मामले में डिप्टी कमिश्नर को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आपदा अधिनियम लागू करने और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
#WATCH | Shimla: Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says, "It has been raining continuously for the last two days, and our effort is to transport the people to safe places by helicopter. We have issued guidelines to the Deputy Commissioner in this matter. Instructions… pic.twitter.com/V8W3j9ckZb
— ANI (@ANI) September 2, 2025
नाथपा बाईपास रोड पर पहाड़ी दरकी, देखें लाइव वीडियो
किन्नाैर जिले में नाथपा बाईपास रोड पर पहाड़ी दरकी है। बड़ी मात्रा में मलबा व पत्थर पहाड़ी से सड़क पर गिर गए। नाथपा-झाकड़ी बांध के पास यह भूस्खलन हुआ है। इससे रिकांगपिओ-किन्नौर का सड़क संपर्क बाधित हो गया।
भराडता गांव में भारी बारिश से स्लेटपोश मकान व पशुशाला जमींदोज
हमीरपुर जिले के धनेटा की ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर पंचायत के भराडता गांव में भारी बारिश के कारण स्लेटपोश मकान और पशुशाला जमींदोज हो गए। पीड़ित गुरवचन सिंह और कृष्ण कुमार ने बताया कि हादसे के समय पूरा परिवार गांव में ही रिश्तेदारी के एक अन्य मकान में ठहरा हुआ था। घटना के समय घर में कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। प्रशासन की ओर से एसडीएम नादौन राकेश शर्मा, नायब तहसीलदार वेद प्रकाश ठाकुर, कानूनगो सुरेश चंद और हल्का पटवारी ग्वालपत्थर विकास पटियाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को फौरी राहत के तौर पर 10-10 हजार रुपये नकद और तिरपाल उपलब्ध करवाए।
करसोग उपमंडल में भारी बारिश से तीन मकान क्षतिग्रस्त
करसोग में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण करसोग उपमंडल में अलग-अलग स्थानों पर तीन मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत राशि प्रदान कर दी है। एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुठेहड में बृज लाल, निवासी चैकी का दो मंजिला रिहायशी मकान, चार कमरे व रसोई घर में दरारें आने से क्षतिग्रस्त हो गया। ग्राम पंचायत पोखी के कनूट गांव में हीरा सिंह का चार कमरों का मकान, जबकि करसोग के जोहड़ में भीषम कुमार का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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