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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Weather: Heavy downpour in Shimla; rain to continue in the state for this long; Orange alert

Himachal Rain: शिमला में झमाझम बारिश, राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल, बिजली गिरने से 20 मवेशियों की मौत

Fri, 14 Aug 2026 04:54 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 14 Aug 2026 04:54 PM IST
सार

 शिमला, मंडी और ऊना में दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जबकि कुल्लू और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।  चंबा जिले की कुरैणा पंचायत में बिजली गिरने से 20 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

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Himachal Weather: Heavy downpour in Shimla; rain to continue in the state for this long; Orange alert
शिमला में झमाझम बारिश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। शिमला, मंडी और ऊना में दिनभर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा, जबकि कुल्लू और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। चंबा जिले की कुरैणा पंचायत में बिजली गिरने से 20 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ऊना में टक्का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का पूरा परिसर जलमग्न हो गया। वहीं पंडोगा में स्वां का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी पार कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली बीच में फंस गई। स्थानीय युवाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

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राजमार्ग-205 पर भारी भूस्खलन
सोलन जिले के दाड़लाघाट क्षेत्र में शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर भराड़ीघाट और नलाग के बीच क्यारड़ के पास गुरुवार देर रात भारी भूस्खलन हुआ। फोरलेन निर्माण के दौरान संवेदनशील बनी पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने खतरे को भांपते हुए समय रहते यातायात रोक दिया। इससे एचआरटीसी बस सहित कई वाहन भूस्खलन की चपेट में आने से बच गए और एक बड़ा हादसा टल गया। भूस्खलन के कारण कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। देर रात करीब दो बजे सड़क को बहाल कर यातायात सुचारु किया गया। ।

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शिमला मे एक घंटे में 21 मिलीमीटर बारिश
राजधानी शिमला में शाम चार से पांच बजे के बीच एक घंटे में 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दिन में ही शहर में अंधेरा छा गया। कांगड़ा जिले के जसूर क्षेत्र में तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बारिश का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया। मंडी की रोपा पधर पंचायत के तहत गलू-घरोण-भटवाड़ सड़क पर भूस्खलन होने से भारी मलबा और विशालकाय चट्टानें गिरने से गलू-बनेहड़-मझारनू सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। मझारनू के समीप कुंडूनी में भूस्खलन से मार्ग बंद हो गया है। इससे पांच गांवों पर खतरा मंडरा गया है।



 

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114 सड़कें बंद,  250 पेयजल योजनाएं 
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेशभर में 114 सड़कें बंद हैं, जबकि 250 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और दर्जनों ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। कुल्लू, मंडी और चंबा जिलों में सबसे अधिक असर देखने को मिला है, जहां अभी भी 81 सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं। लगातार खराब मौसम के कारण प्रभावित रहने वाला कांगड़ा का गगल हवाई अड्डा शुक्रवार को सामान्य रूप से संचालित हुआ। मौसम में सुधार के बीच सभी निर्धारित उड़ानें समयानुसार संचालित की गईं, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
 

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 14, 17 और 18 अगस्त को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दाैरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 15, 16, 19 व 20 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा व सिरमाैर जिले के कुछ भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि सोलन, शिमला, मंडी, हमीरपुर व चंबा के लिए येलो अलर्ट है। 17 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है। जबकि 18 को सिरमाैर व कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट है।  अगले 4-5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद के 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

मानसून सीजन में अब तक 181 लोगों को गंवानी पड़ी जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 14 अगस्त तक प्रदेश में आपदा की वजह से 181 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 283 लोग घायल हुए हैं। 31 पक्के और 51 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 302 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 14 दुकानों व 258 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस अवधि के दाैरान 210 पालतु पशुओं की माैत हो गई। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 95,574.59 लाख रुपये पहुंच गया है। 

कहां कितनी बारिश(मिलीमीटर में)
धर्मशाला 92
ऊना 31
मंडी 27
बिलासपुर 26
शिमला 21
पालमपुर 21
कसौली 16

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