डिनोटिफाई संस्थान: रामशहर में बिना कार्य शुरू हुए बंद हो गया दो दशक के संघर्ष के बाद खुला बीडीओ कार्यालय
रामशहर में खंड विकास कार्यालय बंद किए जाने से स्थानीय लोगों को अब अपने छोटे-मोटे कार्य के लिए 40 किलोमीटर दूर नालगढ़ जाना पड़ रहा है।
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नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर में खुला खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में स्टाफ पूरा होने से पहले ही इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान में पंचायत भवन में चल रहे इस बीडीओ कार्यालय में एक मात्र अधीक्षक तैनात है। उसका न तो कहीं तबादला किया गया और न ही उससे यहां कोई काम करवाया जा रहा। वह रोजाना कार्यालय में आ रहा है। पूरा दिन बिना कोई कार्य किए शाम को छुट्टी कर चला जाता है। रामशहर में बीडीओ कार्यालय के लिए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग 20 वर्षों से लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं। रामशहर बीडीओ कार्यालय खुलने के बाद इसमें नालागढ़ की 28 पंचायतें शिफ्ट कर दी गई थीं।
इन पंचायतों में 80 हजार से अधिक आबादी रहती है। बीडीओ कार्यालय खुलने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल था। उन्हें पंचायत से संबंधित अपने छोटे-छोटे कार्य करवाने के लिए 15 से 40 किलोमीटर दूर नालागढ़ पहुंचना पड़ रहा था, मगर सत्ता में आते ही कांग्रेस ने प्रदेश में 11 बीडीओ कार्यालय बंद कर दिए, जिसमें रामशहर भी शामिल है। स्थानीय लोगों में सरकार के इस फैसले को लेकर काफी रोष है। 21 सितंबर को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नालागढ़ प्रवास के दौरान रामशहर में बीडीओ कार्यालय खोलने की घोषणा की थी।शुरुआत में सरकार ने बीडीओ कार्यालय को स्थानीय पंचायत भवन में चलाने के आदेश दिए थे। यहां 14 पद स्वीकृत किए गए थे।
रामशहर में खंड विकास अधिकारी कार्यालय खुलने से पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा मिलना था। कांग्रेस सरकार ने खंड विकास कार्यालय बंद कर गलत किया है। स्थानीय लोगों को अब अपने छोटे-मोटे कार्य के लिए 40 किलोमीटर दूर नालगढ़ जाना पड़ रहा है। - कमल किशोर, पंचायत प्रधान मटूली
बीडीओ कार्यालय बंद करना सरकार का निर्णय गलत है। रामशहर क्षेत्र के लोग लंबे समय से बीडीओ कार्यालय खोलने की मांग कर रहे थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की ओर से खोले गए कार्यालय को रद्द कर दिया है। - धनीराम शर्मा, पूर्व प्रधान मटूली पंचायत
काफी संघर्ष के बाद पंचायत प्रतिनिधियों समेत ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए घर-द्वार सुविधा मिली थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने बीडीओ कार्यालय को बंद कर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। अब लोगों को अपने कार्य के लिए करीब 40 किलोमीटर जाना पड़ेगा। - राजेश कुमार, बहरोटा पंचायत निवासी
पिछले दो दशक से ग्रामीण रामशहर में बीडीओ कार्यालय खोलने की मांग कर रहे थे। पूर्व भाजपा सरकार ने लोगों की दिक्कत को देखते हुए काफी मशक्कत के बाद यहां कार्यालय खोला था, मगर वर्तमान सरकार ने प्रतिशोध के चलते इसे बंद कर दिया। इससे ग्रामीण परेशान हैं। - नरेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय ग्रामीण रामशहर
सरकार ने बीडीओ कार्यालय के माध्यम से अनेक विकास योजनाएं चलाई हैं, जिसका दूर-दराज क्षेत्र के लोगों को सूचना के अभाव में लाभ नहीं मिलता। यहां से नालागढ़ बीडीओ कार्यालय दूर है, जहां सभी लोग नहीं जा पाते। बीडीओ कार्यालय बंद होने से लोगों को परेशानी होगी। - संजीव शर्मा, गडौन पंचायत
नालागढ़ बीडीओ के अधीन काफी बड़ा क्षेत्र है, जिसे एक बीडीओ के संभालना काफी मुश्किल रहता है। रामशहर में बीडीओ कार्यालय खोलने के पीछे लोगों को लंबा संघर्ष रहा है। लोगों की दिक्कत को देखते हुए पूर्व सरकार ने यह फैसला लिया था, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना सोचे समझे इसे बंद कर दिया। - प्रवीण कुमार, कोहू पंचायत