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RUSA Grant: खर्च का प्रमाण पत्र नहीं देने से हिमाचल के डिग्री कॉलेजों का रुका रूसा अनुदान
Tue, 14 Feb 2023 10:41 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 14 Feb 2023 10:41 AM IST
सार
यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं देने से यह ग्रांट रुकी है। केंद्र सरकार ने पुराने कार्यों का ब्योरा नहीं मिलने पर नई किस्त देने से मना कर दिया है। नैक से मान्यता नहीं होने के चलते भी कई डिग्री कॉलेजों को ग्रांट नहीं मिल रही है।
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रूसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कई डिग्री कॉलेजों की केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान(रूसा) का अनुदान रोक दिया है। यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं देने से यह ग्रांट रुकी है। केंद्र सरकार ने पुराने कार्यों का ब्योरा नहीं मिलने पर नई किस्त देने से मना कर दिया है। नैक से मान्यता नहीं होने के चलते भी कई डिग्री कॉलेजों को ग्रांट नहीं मिल रही है। कॉलेजों को आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए केंद्र सरकार 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की ग्रांट देती है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान केंद्र सरकार ने प्रदेश के कॉलेजों के लिए रूसा ग्रांट में 450 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। करीब 326 करोड़ रुपये की ग्रांट कॉलेजों को मिल चुकी हैं।
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इस धनराशि से किए गए काम का ब्योरा यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाता है। प्रदेश की ओर से यह सर्टिफिकेट शिक्षा मंत्रालय को अभी तक नहीं भेजे गए हैं। इस कारण केंद्र ने अगली किस्त देने पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत ग्रांट जारी करती है। इसमें 90 फीसदी शेयर केंद्र सरकार का होता है। शेष 10 फीसदी राशि प्रदेश सरकार जारी करती है। इस ग्रांट को कॉलेजों में नए कमरे, हाल बनाने, वाई फाई सुविधा देने, खेल मैदान बनाने, सौंदर्यीकरण करने, लैब बनाने, नए उपकरण लेने, स्मार्ट क्लास रूम बनाने, नई पुस्तकें लेने पर खर्च किया जाता है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से इस मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
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