Himachal Rain: सड़कें बंद, कहीं पेटियों में सड़ रहा सेब तो कहीं नाले में फेंकना पड़ा, देखिए वीडियो
ननखड़ी तहसील के ग्राम पंचायत अड्डू के शिला गांव में लोगों ने एचपीएमसी को दिए जाने वाला सी ग्रेड सेब नाले में फेंक दिया।
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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें बंद हैं। इसका खामियाजा बागवानों को सबसे ज्यादा उठाना पड़ रहा है। सेब सीजन के दाैरान सड़कें ठप होने से फसल मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है। ननखड़ी विकास खंड में बागवान अपनी सालभर की कमाई को नाले में ठिकाने लगाने के लिए मजबूर हैं। एक सप्ताह से क्षेत्र में एचपीएमसी ने सी ग्रेड सेब की खरीद बंद कर दी है। शीला गांव में सी ग्रेड सेब न बिकने के कारण बागवानों ने सेब की करीब ढाई सौ बोरियां नाले में फेंक दीं। बागवानों में सरकार और एचपीएमसी की अनदेखी को लेकर भारी रोष है। बागवानों ने चेताया है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। ननखड़ी क्षेत्र में बागवानों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है।
इस वर्ष क्षेत्र में भारी बारिश के कारण भारी नुकसान पहुंचा है। सड़कें बंद होने के कारण बागवानों को परेशानी झेलनी पड़ी। बागवानों का सेब बगीचों में फंसा रहा। अब अब सड़कें बहाल हुईं, तो उनका सेब नहीं खरीदा जा रहा है। एक सप्ताह से एचपीएमसी ने सी ग्रेड सेब खरीदना बंद कर दिया है। इस कारण हजारों टन सी ग्रेड सेब बोरियों में सड़कों के किनारे पड़ा है। अड्डू पंचायत के शीला गांव में जब बागवानों का सेब नहीं उठा, तो उन्होंने करीब ढाई सौ बोरियां सेब की नाले में फेंक दीं। इस नजारे को देख हर कोई हैरान है। गांव के बागवान देव राज, रमेश खुंद, रमेश ठाकुर और अमित ने सी ग्रेड सेब खरीद न होने के कारण सेब नाले में फेंक दिया। इससे जहां उन्हें आर्थिक क्षति पहुंची है, साथ ही उनका मनोबल को भी टूटा है।
केंद्र तो खोले, नहीं खरीद रहे सेब
अड्डू के पंचायत प्रधान पिंकू खुंड ने बताया कि एचपीएमसी ने सेब खरीद केंद्र तो खोले, लेकिन अब बागवानों का सेब केंद्र के बाहर सड़कों के किनारे सड़ रहा है। एक सप्ताह से बागवान सेब उठने की उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन जब सेब नहीं बिका तो बागवानों ने इसे नाले में फेंकना ही बेहतर समझा। सरकार और प्रशासन को इस मामले को संजीदगी से लेना चाहिए। यदि जल्द ही बागवानों का सेब नहीं खरीदा गया, तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
हिमाचल किसान सभा लोकल कमेटी बालीचौकी विभिन्न विभागों की ओर से मुख्य रूप से उद्यान और कृषि विभाग की ओर से आपदा में हुई फसलों की क्षति का आकलन ना करना पूरी तरह से निंदनीय है व चिंता का विषय है । बालीचौकी पूरे क्षेत्र में भारी बारिश के कारण लोगों के घरों के साथ बड़े पैमाने में भूमि और फसलों का नुकसान हुआ है। मुख्य रूप से अनार और सेब की फसल का नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण सेब और अनार की फसल बर्बाद हो गई। बची हुई फसल सड़कें खराब होने के कारण मंडियों में नहीं पहुंच पाने के कारण बर्बाद हुई है।
लेकिन उद्यान और कृषि विभाग अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकले । किसान सभा ने मांग की है कि उद्यान और कृषि विभाग जल्द अपने क्षेत्र में बगीचे का दौरा करते हुए नुकसान का आकलन करे साथ ही किसान सभा प्रदेश सरकार से यह भी मांग करती है कि तबाह हुई फसलों का मुआवजा किसानों को दिया जाए। किसानों द्वारा खेती को बेहतरीन बनाने के लिए केसीसी के माध्यम से लिए गए लोन को माफ किया जाए। इसके साथ ही फसल बीमा योजना का मुआवजा शीघ्र किसानों को दिया जाए। यह मांग किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा, सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी अध्यक्ष ओमचंद, सचिव यदुनंदन राय, किसान सभा संयोजक प्रकाश चंद व दलीप कुमार ने संयुक्त बयान में की।