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हिमाचल विधानसभा सत्र: आउटसोर्स भर्तियों को लेकर विपक्ष ने किया हंगामा, सदन से वाकआउट
Wed, 04 Aug 2021 06:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 04 Aug 2021 06:13 PM IST
सार
नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चोर दरवाजे की भर्तियों से बेरोजगारों से खिलवाड़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और मंत्री महेंद्र सिंह केे हलकों में ही पांच हजार से अधिक नौकरियां बांटी गई हैं।
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कांग्रेस विधायकों का सदन से वाकआउट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी कांग्रेस ने हंगामा किया। विभिन्न विभागों में हो रहीं आउटसोर्स आधार पर भर्तियाें के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने बुधवार को विधानसभा सदन में नारेबाजी की। करीब दस मिनट तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद सदन से वॉकआउट कर दिया। दूसरे दिन भी बिना विपक्ष के प्रश्नकाल चला। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस विधायकों में जमकर नोकझोंक हुई।
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नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चोर दरवाजे की भर्तियों से बेरोजगारों से खिलवाड़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और मंत्री महेंद्र सिंह केे हलकों में ही पांच हजार से अधिक नौकरियां बांटी गई हैं। पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भर्तियां नियमों के तहत हो रही हैं। कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट को रस्म बना दिया है।
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बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने आउटसोर्स भर्तियों का मामला उठाया। प्रदेश में बीते तीन वर्ष के दौरान तीन हजार पदों पर नियमित और आठ हजार पदों पर आउटसोर्स आधार पर भर्तियां की गई हैं। मुकेश ने कहा कि बिना पॉलिसी के भर्तियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह पर कटाक्ष करते हुए मुकेश अग्निहोत्री और आशा कुमारी ने कहा कि प्रदेश में इस स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि ‘हम दो हमारा कोई नहीं’ की नीति पर काम किया जा रहा है।
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इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने बेरोजगारों से धोखाधड़ी नहीं चलेगी, चोर दरवाजे से नौकरी नहीं चलेगी... के नारे लगाते हुए सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को लाकर चर्चा मांगी लेकिन इस प्रस्ताव को अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने अस्वीकार कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शोर-शराबे के बीच शुरू किया, तो विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष के सदन से जाने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नियम 67 में बहुत महत्वपूर्ण विषय हो तो ही काम रोककर चर्चा होती है। कहा कि जो भी भर्ती हो रही है, वह नियमानुसार हो रही है। इनको पूछा जाए कि इनके जमाने में कितनी भर्ती हुई। आउटसोर्स के कर्मचारियों को पीटरहॉफ में इकट्ठा कर मुकुट पहनाए गए। नीति बनाने की मांग की गई, जो नहीं बनाई गई। विपक्ष के सदस्य क्षेत्र विशेष से नौकरियां देने की सदन में झूठी बात कर रहे हैं। विपक्ष के नेताओं में नेतृत्व की होड़ लगी है। ये उसी का नतीजा है। सिर्फ राजनीतिक मकसद के लिए हंगामा किया जा रहा है।