मंत्री पद न मिलने से छलका विस उपाध्यक्ष हंसराज का दर्द

अमर उजाला नेटवर्क, चंबा Updated Sat, 01 Aug 2020 10:11 PM IST
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विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज (फाइल फोटो)
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

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जयराम मंत्रिमंडल के बड़े फेरबदल के बावजूद मंत्री पद न मिलने से विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज का दर्द छलक पड़ा। शनिवार को हंसराज ने फेसबुक पेज पर लाइव आकर भाजपा में गुटबाजी को उजागर करते हुए कहा कि हमारे कुछ तथाकथित लोगों ने ही चंबा को मंत्री पद मिलने से वंचित कर दिया। विस उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दावेदारी सभी करते हैं और करनी भी चाहिए, लेकिन हमारी दावेदारी रही नहीं है।
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हां यह जरूर है कि मुख्यमंत्री ने विस उपाध्यक्ष बनाया है। चंबा के लिए गौरवान्वित होने की बात यह है कि राष्ट्रीय ध्वज दिया है, जिसका जिला चंबा लाभ भी उठा रहा है। हालांकि उन्होंने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि कुछ तथाकथित लोगों की वजह से चंबा को मंत्री पद से वंचित रहना पड़ा है, जिसे जनता भी समझती है। इसका खामियाजा शुरू से ही चंबा को भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मैंने किसी से नहीं कहा कि मुझे मंत्री पद दिया जाएगा।
उन्हें जहां रखा गया है, वहां से भी जिले का अच्छा विकास हो रहा है। लोगों ने कहा कि दलित समाज से आते हैं, यहां पर एससी वोटर बहुत हैं, जिस कारण 17 में से 13 सीटें भाजपा ने जीती हैं। लोगों ने कहा कि कांग्रेस के समय में एससी कोटे से ही दो-तीन मंत्री पद भी मिले हैं। विस उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी हाई कमान के संज्ञान में है। सुरेंद्र कश्यप को भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष बनाकर उन्होंने उन्हें अधिमान दिया है।
वह जाति और क्षेत्र विशेष से आगे बढ़कर संपूर्ण प्रदेश का विकास करने के लिए प्रयासरत हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण चुराह का आगे बढ़ना है। हंसराज ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि कुछ बरसाती मेंढक चुनाव के दौरान ही लीडरशिप करने की कोशिश करते हैं। इसे आम जनता भी समझती है। कुछ चुराह में भी चुराह द्रोही है, जो हर पल षड्यंत्र करते हैं। उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र में हुए विकास की तरफ नजर दौड़ानी चाहिए। 

कोई नाराजगी नहीं, मैं सिर्फ काम पर ध्यान देती हूं : सरवीण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि पहले भी उनके पास यह विभाग था। सभी विभाग एक जैसे होते हैं। कोई विभाग छोटा या बड़ा नहीं। सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग जब उनके पास पहले था तो हिमाचल को देश भर में नेशनल अवार्ड मिला था। मेरे समय में ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन की अदायगी ऑनलाइन हुई थी। मेरी किसी से कोई नाराजगी नहीं होती है। मैं सिर्फ काम पर ध्यान देती हूं।

गोविंद ठाकुर ने नहीं उठाया फोन, समर्थक नाराज
परिवहन और वन जैसे महत्वपूर्ण विभाग छिनने से मंत्री गोविंद ठाकुर जहां निराश बताए जा रहे हैं, वहीं हाईकमान से उनके समर्थक भी नाराज हैं। हालांकि शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण विभाग उन्हें जरूर मिला है। गोविंद ठाकुर से उनको मिले विभागों को लेकर प्राथमिकता जानने के लिए शनिवार को जब बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन भी नहीं उठाया।
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