आशा बोलीं- अक्कड़-बक्कड़ बंबे बौ, सौ में लगा धागा- गैस उछलकर भागा
कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने मंगलवार को सदन में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा- अक्कड़-बक्कड़ बंबे बौ, अस्सी-नब्बे पूरा सौ, सौ में लगा धागा, गैस उछलकर भागा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज बोले - आप बचपन में पहुंच गईं। आशा ने भारद्वाज को मामा कहकर संबोधित किया, क्योंकि खुद को वह सदन में शिमला वालों की भांजी बता चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बजट में पुरुष समाज को भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लाभ नहीं दिया।
शगुन योजना में राजपूत, ब्राह्मण आदि की लड़कियां भी हो सकती हैं। गरीबी के आकलन के लिए जात-पात नहीं देखी जानी चाहिए। बजट प्रबंधन के अनुसार राजकोषीय घाटा चार प्रतिशत के करीब होना चाहिए। यह 4.53 प्रतिशत है, यह गलत राजकोषीय प्रबंधन है। कर्ज के जाल में फंसना अच्छा नहीं है। प्रदेश में कभी भी प्रति व्यक्ति आय नहीं घटी, इस बार ऐसा हुआ।
महेंद्र सिंह से बोलीं आशा, इस कुर्सी के निकट पहुंचने पर बधाई
डलहौजी की कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह से कहा - आप आजाद शुरू हुए थे। इस कुर्सी के निकट पहुंचने पर बधाई। आशा ने मुख्यमंत्री की कुर्सी की ओर इशारा किया। महेंद्र सिंह सबसे पहले आजाद विधायक के रूप में ही सदन में आए थे। वह सीएम जयराम ठाकुर के दिल्ली मेें रहते वरिष्ठ मंत्री के नाते सदन की कार्यवाही देख रहे थे।
बजट पर चर्चा में शायराना अंदाज में नजर आए राणा, ठहाके लगते रहे
सुजानपुर के कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा शायराना अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन रखेगा ख्याल, गरीब जनता मर रही डबल इंजन हुआ मालामाल, पूछता है प्रदेश आपसे सवाल। इसके बाद और भी शे‘र पढ़े। इस बीच सदन में ठहाके भी लगते रहे। कहा कि इस बार बजट 1000 करोड़ का पेश किया गया है।
हिमाचल की जिस तरीके से आर्थिक सेहत कम होती जा रही है, उससे कर्मचारियों को निराशा मिली है। दृष्टिपत्र पर दृष्टि पड़ रही है। लोगों को उम्मीद है कि वे वायदा पूरा करें। अब हिमाचल सरकार ने नाबार्ड और विश्व बैंक का तीसरा इंजन शुरू किया है, पर लोगों की जेब से निकालकर पैसे दिए जा रहे हैं। उम्मीद थी कि दिल्ली से पैसा आएगा, पर कुछ नहीं आया। अर्थव्यवस्था गिरती जा रही है, रेल नेटवर्क के भी यही हाल हैं।
दस्तावेज दिशाहीन, भ्रमित करने वाला हिमाचल का बजट: सिंघा
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि बजट दस्तावेज दिशाहीन और भ्रमित करने वाला है। राजस्व बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। सरकार जब तक आर्थिक संसाधन नहीं जुटाएगी, तब तक प्रदेश की जनता के साथ न्याय नहीं कर सकती। सिंघा मंगलवार को बजट पर चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। कहा कि हिमाचल के जंगलों की कीमत 21 लाख करोड़ है, लेकिन इसके एवज में प्रदेश को आज तक केंद्र से कोई रायल्टी नहीं मिली।
प्रदेश सरकार ने केंद्र से यह मामला नहीं उठाया। सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बावजूद बीबीएमबी से अपना 7.19 हिस्सा लेने में सरकार नाकाम रही। कोरोना से लड़ने की सरकार की रणनीति सही न होने से प्रदेश की आर्थिकी तबाह हो गई है। कृषि और बागवानी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिसके लिए इसे सराहा जाए। महंगाई चरम पर है, लेकिन बजट में जिक्र नहीं है। मेंहदली सब्जी मंडी का काम कांग्रेस सरकार के समय से चल रहा है। पब्बर चैनलाइजेशन प्रोजेक्ट भी पूर्व कांग्रेस सरकार का है। विधायक बिक्रम सिंह जरयाल ने बजट को ऐतिहासिक बताया। कहा कि बजट में हर वर्ग को लाभ मिला है।
विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि बजट नई अटैची में पुराने कपड़े भरने जैसा है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार कर्ज लेने के सभी रिकॉर्ड तोडे़गी। कांग्रेस ने कोरोना काल में 13 करोड़ का बिल दिया, जो तथ्यहीन है। सरकार के पास इसका तथ्य है, तो सदन में रखे। आज एक्सटेंशन दी जा रही है।
विधायक जीतराम कटवाल ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया और बजट की सराहना की। विधायक लखविंद्र राणा ने कहा कि वाहन ऑपरेटरों को राहत दी जानी चाहिए। खनन के लिए नई नीति होनी चाहिए। विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने टैक्स फ्री बजट पेश किया। विनय कुमार ने कहा कि नल, नौकरी और एयरपोर्ट तक सभी मंडी को दिए और सिरमौर वाले कहां जाएंगे। रीना कश्यप ने कहा कि कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।