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कॉलेज छात्रों को एचपीयू ने दी बड़ी टेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 24 Dec 2014 11:25 AM IST
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कॉलेजों में छात्रों के लिए बड़ी टेंशन खड़ी हो गई है। प्रथम सत्र का परिणाम लटक गया है। बड़ी बात यह है कि पहले सत्र का परिणाम जब तक नहीं आता है, तब तक दूसरे का परिणाम भी घोषित नहीं किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में पांच से आठ हजार छात्रों का परिणाम लटक गया है।
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हालांकि, रिजल्ट निकालने के लिए एचपीयू गंभीर दिख रहा है। परीक्षा विंग ने प्रथम सत्र के ऐसे सभी छात्रों का ब्योरा उनके कॉलेजों और विवि की संबंधित कोर्स की परीक्षा शाखाओं को भेज दिया है। ऐसे मामलों को निपटाने की वजह भी इसमें साफ की गई है।
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कॉलेजों को 31 दिसंबर तक हर हाल में ऐसे मामलों को निपटा कर विवि को मांगी गई जानकारी के साथ भेजना होगा। एचपीयू करीब आठ हजार छात्रों के परिणाम को घोषित नहीं कर पाया है। छात्र का रोलनंबर अधूरा होना, कहीं सिर्फ छात्र का नाम ही है, रोलनंबर लिखा ही नहीं गया है या पूरे 14 डिजिट का रोलनंबर नहीं है।
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कुछ में विषय कोड ही गलत भरा गया है, तो कुछ का कॉलेजों से इंटरनल असेस्मेंट, प्रेक्टिकल के अंक ही नहीं मिले हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि कॉलेजों को छात्रों के परिणाम रुकने के कारणों के साथ विस्तृत ब्योरा कॉलेज प्राचार्य की ई- मेल से भेजा जा चुका है।
स्ट्रे केस में बिठाना पड़ रहा भारी
शिमला। प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम के मामले लटके मामलों में ऐसे मामले भी अधिक हैं, जिसमें छात्रों का ऑनलाइन रोलनंबर जेनरेट नहीं हुए थे, मगर उन्हें परीक्षा में बिठा दिया गया था। विवि ने अपनी खामियां छुपाने को ही स्ट्रे केस पर हजारों छात्रों को बैठने की अनुमति दे दी थी, अब वहीं परिणाम तैयार न होने की वजह बन रही है।
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष आरके कायस्थ का कहना है कि जिनके रोलनंबर जनरेट नहीं हो रहे हैं, उनके परिणाम कैसे घोषित हो पाएंगे। दूसरे सत्र का परिणाम भी आधा अधूरा घोषित करना पड़ सकता है।