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बिजली बोर्ड को टेंडर रद्द करना सवा करोड़ रुपये महंगा पड़ा

Fri, 19 Feb 2021 12:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 19 Feb 2021 12:02 PM IST
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Himachal Pradesh state electricity board  Electric Poles tender costs 1.25 crore rupee
राज्य बिजली बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

राज्य बिजली बोर्ड को स्टील के दस हजार खंभों की खरीद का एक टेंडर रद्द करना करीब सवा करोड़ रुपये महंगा पड़ने जा रहा है। 8 फरवरी को खोले गए टेंडर में पुराने रेट के मुकाबले दामों में 8 से 13 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। मई 2020 में अवार्ड किए गए टेंडर के तहत 8 मीटर के खंभे का दाम 8196 रुपये और 9 मीटर के खंभे का दाम 11588 रुपये तय हुआ था।

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इस रेट के आधार पर बोर्ड प्रबंधन ने कंपनियों से मई में खरीदे गए 30 हजार खंभों का 40 फीसदी अतिरिक्त खरीद करने का करार किया था। यानी दिसंबर 2020 तक बोर्ड अगर 12 हजार खंभे और खरीदता तो उन्हें पुराने दाम ही चुकाने पड़ने थे, लेकिन बोर्ड ने ऐसा नहीं किया। इसके चलते अब 8 मीटर के खंभे का दाम 713 रुपये बढ़कर 8196 से 8909 और 9 मीटर खंभे का 1538 रुपये बढ़कर 11588 रुपये से 13126 रुपये पहुंच गया है। 
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बोर्ड ने नए टेंडर के तहत 8 मीटर के चार हजार और 9 मीटर के छह हजार खंभे खरीदने हैं। पुराने और नए रेट के अंतर के चलते अब दस हजार खंभों की खरीद करीब सवा करोड़ रुपये महंगी हो गई है। बोर्ड प्रबंधन ने अगर समय रहते टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया होता तो सरकारी धनराशि की बचत हो सकती थी। 
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चहेतों को लाभ देने के आरोप 
स्टील के खंभों की खरीद में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग और चहेतों को लाभ देने के आरोप लग रहे हैं। इस खरीद प्रक्रिया को लेकर बोर्ड की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। 

मई की खरीद के रेट दिसंबर 2020 तक थे मान्य
बिजली बोर्ड ने वर्ष 2020 के मई माह में स्टील के खंभों की खरीद प्रक्रिया शुरू की थी। मई में आठ, नौ, दस और 11 मीटर के तीस हजार खंभे खरीदे गए। इस खरीद के रेट की वैलिडिटी को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाया गया। पुराने दाम पर ही तीस हजार नए खंभे खरीदने के लिए नवंबर 2020 में नया टेंडर आमंत्रित किया गया।

जनवरी 2021 में बोर्ड प्रबंधन ने इस टेंडर को रद्द कर दिया। जनवरी में एक सप्ताह की मोहलत देते हुए दोबारा इसी खरीद के लिए टेंडर मांगे गए। इस टेंडर के लिए पुराने रेट मान्य नहीं थे। पुराने रेट की वैधता 31 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गई थी। 21 जनवरी को मांगे गए टेंडर की अंतिम तारीख 29 जनवरी रखी गई। आठ फरवरी को खोले गए टेंडर में पुराने रेट के मुकाबले दामों में आठ से 13 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई।


प्रशासनिक कारणों से रद्द किया टेंडर 
दिसंबर 2020 में पुराने रेट पर खंभे देने के लिए कुछ कंपनियों ने आपत्ति जताई थी। कुछ अन्य प्रशासनिक कारणों के चलते टेंडर प्रक्रिया को जनवरी 2021 में रद्द किया था। हर खरीद करने के लिए बोर्ड सामान की गुणवत्ता देखता है। सभी पहलुओं पर मंथन करने के बाद नया टेंडर आमंत्रित किया गया। इसमें रेट अधिक आए हैं। कंपनियों के साथ दाम कम करने के लिए वार्ता जारी है। बोर्ड हित में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। - आरके शर्मा, प्रबंध निदेशक राज्य बिजली बोर्ड 

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