Himachal News: अदाणी विल्मर दस्तावेजों की बारीकी से की जा रही जांच
आबकारी एवं कराधान विभाग के दक्षिणी प्रवर्तन निदेशालय के सह उपायुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि औचक कार्रवाई में कंपनी के कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
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अदाणी विल्मर कंपनी के परवाणू स्थित डिपो गोदाम पर हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग की औचक कार्रवाई के बाद रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। विभाग का दावा है कि कंपनी ने परवाणू स्थित इस गोदाम के माध्यम से पिछले वर्ष 135 करोड़ का कारोबार किया है।
इस अवधि में कंपनी ने जीएसटी का पूरा टैक्स भुगतान टैक्स क्रेडिट से किया है, जबकि कंपनी को 15 फीसदी टैक्स राशि का भुगतान नकदी के रूप में करना होता है। यह नकदी भुगतान कंपनी रिकॉर्ड में शून्य पाया गया है।
विभाग ने साफ किया कि सभी किराना कारोबारियों को जीएसटी भुगतान में 10 से 15 फीसदी भुगतान नकद करना होता है। आबकारी एवं कराधान विभाग के दक्षिणी प्रवर्तन निदेशालय के सह उपायुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि औचक कार्रवाई में कंपनी के कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
कंपनी का दावा, कारोबारी संचालन, व्यवहार में नहीं मिली अनियमितता
मामले में वीरवार को कंपनी ने भी अपना पक्ष रखा। कंपनी के प्रवक्ता ने दावा किया कि बीते बुधवार को आबकारी एवं कराधान विभाग की छापामारी में कंपनी के स्टॉक में कोई कमी नहीं पाई गई है। अधिकारियों को कंपनी के कारोबारी संचालन और व्यवहार में कोई अनियमितता नहीं मिली है।
अगर कोई कर चोरी की गई है तो केंद्रीय जीएसटी भी होगा प्रभावितः सरकारी सूत्र
अदाणी विल्मर पर हिमाचल प्रदेश कर अधिकारियों की ओर से की गई जांच का केंद्रीय जीएसटी पर भी असर पड़ेगा, अगर कोई कर चोरी पाई जाती है। इस मामले में केंद्रीय कर अधिकारियों को अलग से जांच करने की जरूरत नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश कर अधिकारियों से अभी तक इस मामले में इनपुट/रिपोर्ट नहीं मिली है।