हिमाचल: चट्टानें गिरने से मंडी-कुल्लू एनएच 23 घंटों से बंद, चंबा के लुडेरा नाले में अधेड़ बहा
खराब मौसम के चलते हिमाचल में शुक्रवार को 198 सड़कें ठप रहीं। उधर, चंबा के लुडेरा नाले में एक अधेड़ बह गया। प्रदेश भर में 16 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त और तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। 18 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
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खराब मौसम के चलते हिमाचल में शुक्रवार को 198 सड़कें ठप रहीं। उधर, चंबा के लुडेरा नाले में एक अधेड़ बह गया। प्रदेश भर में 16 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त और तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। 18 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली के आठ ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। हिमाचल में 30 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। गुरुवार रात चंबा के तुन्नूहट्टी-ककीरा मार्ग पर पैर फिसलने से लुडेरा नाले में गिरने से बहे कर्मचंद (58) निवासी गांव लुडेरा का शव बरामद हुआ। मंडी-पठानकोट, मंडी-जालंधर वाया धर्मपुर मार्ग पर भी आवाजाही प्रभावित रही। गोहर, धर्मपुर और जोगिंद्रनगर क्षेत्र में 10 गोशालाएं ध्वस्त हो गईं। गोहर में गोशाला ढहने से तीन मवेशियों की मौत हुई है। सराज में तीन रिहायशी मकानों पर मलबा गिरा है।
बारिश से बिलासपुर के कई भागों में यातायात ठप रहा। श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र में भाखड़ा बांध के पास पुलिस बैरियर के नजदीक पहाड़ी गिरने से ढाई घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। जिला कांगड़ा के चंगर के क्षेत्रों में वीरवार रात को जमकर बारिश हुई। खुंडियां के सुराणी में एक चट्टान सड़क मार्ग पर गिर गई। इसके चलते सड़क सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बंद रही। टिहरी में एक रिहायशी कच्चा मकान गिर गया, जबकि थिल में एक गोशाला पर पेड़ गिर गया। राजधानी शिमला में दिन भर बादल छाए रहे। देरशाम झमाझम बादल बरसे। शुक्रवार को मंडी में 27, शिमला-धर्मशाला में 15, पालमपुर में 14.5, शाहपुर में 13, स्वारघाट में 7, कल्पा में 5, नाहन में 3.9 और भुंतर में 2 मिलीमीटर बारिश हुई।
मंडी-कुल्लू एनएच पर सेब से लदे दर्जनों ट्रक फंसे
मंडी-कुल्लू एनएच पर लगे लंबे जाम में सेब से भरे दर्जनों ट्रक, तेल के टैंकर, मालवाहक और सैलानियों के वाहन फंसे रहे। चट्टानें गिरने से गुरुवार देर रात से बंद चंडीगढ़-मंडी-मनाली मार्ग शुक्रवार देर रात तक भी बहाल नहीं हो पाया। सड़क पर मीलों तक ठप ट्रैफिक प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोलते रहे। वाहनों में सवार लोग, चालक परिचालक, पर्यटक, बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सब कई घंटे तक सड़कपर भटकने को मजबूर हुए।
ऐसे में पूरा दिन लोग सरकार व प्रशासन को कोसते रहे। स्थानीय एसडीएम रितिका जिंदल ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन लंबे जाम के आगे कुछ नहीं हो पाया। उधर, उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि भारी बारिश के कारण मार्ग बहाली में दिक्कत आ रही है। प्रशासन सतर्क है। एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि किसी को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से उचित कदम उठाए जा रहे हैं।