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प्रबोध सक्सेना से वित्त महकमा छीनने पर असमंजस में सरकार
Sat, 12 Oct 2019 10:13 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 12 Oct 2019 10:13 AM IST
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प्रबोध सक्सेना (फाइल फोटो)
बहुचर्चित आईएनएक्स मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ सह अभियुक्त प्रदेश के प्रमुख सचिव वित्त एवं ऊर्जा प्रबोध सक्सेना पर सरकार असमंजस में आ गई है। एक तरह केंद्रीय वित्त मंत्रालय में नियुक्ति के दौरान हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में वह सीबीआई की जांच झेल रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार में वह वित्त महकमा संभाल रहे हैं।
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जाहिर है प्रदेश सरकार के अफसरों और पार्टी के नेताओं की आपत्ति के बाद अब उनके प्रमुख मुकदमे लेने तैयारी चल रही है। कार्मिक विभाग ने तबादले को लेकर कवायद भी शुरू की, लेकिन उच्च स्तर के अधिकारियों के दखल पर मामला लंबित कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो दलील यह दी गई कि दो सीटों पर हो रहे उप चुनाव पर इस तबादले का असर पड़ सकता है।
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ऐसा इसलिए है, क्योंकि जिस मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर रही सीबीआई को सक्सेना के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दे दी है, वह इतने दिन बाद भी वित्त व ऊर्जा जैसे बड़े महकमे संभाल रहा है। इस मुद्दे को विपक्ष उठा सकता है। लिहाजा, चुनावी लाभ हानि को देखते हुए इस फाइल को सरकार ने लंबित कर दिया।
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बता दें, आईएनएक्स घोटाले में चिदंबरम के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात रहे सक्सेना समेत कई अन्य तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई की जांच चल रही है। हाल ही में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने सभी अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी भी प्रदान कर दी थी। इसके बाद से अब तक मामले में सक्सेना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।