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आम बजट 2021: हिमाचल को मिल सकती है 11 हजार करोड़ तक की ग्रांट

Mon, 01 Feb 2021 11:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 01 Feb 2021 11:00 AM IST
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himachal pradesh government budget 2021 expectations
बजट 2021 - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय बजट से पर्याप्त राजस्व घाटा अनुदान मिलने की उम्मीद है। यह चालू वित्त वर्ष की तरह अगले साल के लिए भी करीब 11 हजार करोड़ रुपये के आसपास मिल सकता है। केंद्र ने प्रदेश सरकार से केंद्रीय बजट के लिए सुझाव मांगे थे, जिसमें प्रदेश सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद जारी करने की मांग की है। अगर केंद्र इसे मान लेता है तो हवाई अड्डों, रेल और सड़क विस्तार के लिए पूंजीगत व्यय का अनुदान बढ़ सकता है। 

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सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश सरकार की नजर इस पर है कि कोरोना काल में हुए अंधाधुंध खर्च और कमाई कम होने के बाद केंद्र खर्चों में कटौती करती है या अपने रिजर्व्स खोल देती है। अगर खर्चे घटते हैं तो असर प्रदेश को मिलने वाली केंद्रीय मदद पर भी पड़ेगा। केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं के लिए बजट कटौती के रूप में इसका प्रभाव दिख सकता है।
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चालू वित्त वर्ष में केंद्र ने 15वें वित्तायोग की सिफारिश के अनुसार प्रदेश को करीब 11 हजार करोड़ का राजस्व घाटा अनुदान दिया था। ऊना में पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के लिए बजट बढ़ने की उम्मीद है। प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क और उद्योगपतियों के लिए भी बड़ी घोषणा की आस है।
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बजट में महिलाओं को महंगाई से राहत चाहिए तो युवाओं को रोजगार के नए अवसरों की आस है। किसानों और बागवानों को फ्रूट सप्लाई चेन मजबूत होने के साथ विदेशी फलों के आयात पर शत-प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की उम्मीद है। प्रदेश के करीब अस्सी हजार कर्मचारियों को एक साल से फ्रीज अतिरिक्त महंगाई भत्ते, पुरानी पेंशन बहाली की आस है। 
 
केंद्रीय मदद पर निर्भर रहेगा हिमाचल का अपना बजट 
सूबे का अपना बजट इस बार भी केंद्रीय मदद पर निर्भर करेगा। राज्य सरकार ने इस बार ऋण लेने की वार्षिक सीमा पार कर अपने खर्चे चलाए हैं। अगर केंद्र ने निराश किया तो सरकार का अपना वार्षिक बजट प्रभावित होगा। 

कोरोना संकट के बीच उम्मीद है कि पिछले साल की तरह ही प्रदेश को केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान मिलेगा। इसके अलावा वित्तपोषित योजनाओं और अन्य पूंजीगत व्यय के लिए भी मदद मिलेगी। - प्रदीप चौहान, आर्थिक सलाहकार, प्रदेश सरकार

ऊना में पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के लिए बजट बढ़ने की उम्मीद
केंद्र सरकार के सोमवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में ऊना के मलाहत में बनने वाले पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के लिए बजट बढ़ सकता है। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में 300 बिस्तरों की क्षमता होगी और पीजीआई चंडीगढ़ के बराबर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। 

स्वां नदी के पांचवें व अंतिम चरण के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 276 करोड़ का प्रारूप बनाकर केंद्र सरकार को भेजा है। इस बार के आम बजट में इस बजट को मंजूरी की आस बनी हुई है। दौलतपुर से लेकर मारवाड़ी तक की 11 खड्डों को इसमें सम्मिलित किया गया है।

इसके अलावा हरोली विस क्षेत्र में बन रही ट्रिपल आईटी के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट बढ़ाया जा सकता है। ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र में बनने प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्रीय बजट में बड़ी घोषणा हो सकती है। उद्योगपतियों को भी बजट से काफी उम्मीदें हैं। उद्योगों में विद्युत दरों को घटाने एवं जीएसटी कम करने को लेकर भी इस बजट में विशेष उम्मीद लगाई जा रही है।

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