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Himachal Politics: विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को नापना होगा चुनावी चुनौतियों का पहाड़

Thu, 28 Mar 2024 11:13 AM IST
Krishan Singh मदन मोहन लखेड़ा, धर्मशाला
मदन मोहन लखेड़ा, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 28 Mar 2024 11:13 AM IST
सार

बागियों और निर्दलियों को गले लगाने के बाद बदले हालातों में पहाड़ को नापने की राह में फूल कम कांटे ज्यादा बिखरने लगे हैं। ऊना से लेकर हमीरपुर, कांगड़ा से लेकर लाहौल-स्पीति मेंं बगावत इसकी तस्दीक कर रही है। 

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Himachal Politics: BJP will have to face a mountain of electoral challenges in the assembly by elections.
भाजपा में शामिल कांग्रेस के बागी और निर्दलीय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागियों और निर्दलियों को गले लगाने के बाद बदले हालातों में पहाड़ को नापने की राह में फूल कम कांटे ज्यादा बिखरने लगे हैं। ऊना से लेकर हमीरपुर, कांगड़ा से लेकर लाहौल-स्पीति मेंं बगावत इसकी तस्दीक कर रही है। नुकसान की संभावनाओं से सतर्क भाजपा ने उपचुनाव से जुड़े सभी नौ हलकों में डैमेज कंट्रोल की कोशिशें छेड़ दी हैं। आला नेताओं को मान-मनौव्वल के मोर्चे पर झोंक तो दिया गया है लेकिन, बगावत आसानी से शांत होगी  दावा नहीं किया जा सकता। उधर, कांग्रेस में अभी प्रत्याशियों को लेकर असमंजस की स्थित है।

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कुटलैहड़: वीरेंद्र कंवर माने तो बनेगी बात
भाजपा के लिए बड़ी चुनौती अपने कद्दावर नेता पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर को मनाने की है। कांग्रेस से बगावत कर आए भुट्टो को टिकट देने से वीरेंद्र आहत हैं। भाजपा भी भुट्टो के साथ खुलकर चलने से बच रही है। कांग्रेस में प्रदेश महासचिव विवेक शर्मा, देशराज मोदगिल व देशराज गौतम टिकट की दौड़ में हैं। बड़ा फैसला लेने की स्थिति में कंवर का विकल्प भी पार्टी ने खुला रखा है।

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धर्मशाला : आसान नहीं उपचुनाव की जंग
उपचुनाव की जंग धर्मशाला में भाजपा के लिए आसान रहने वाली नहीं है। सुधीर को टिकट देने पर विरोध-बगावत के सुर उठने लगे हैं। पूर्व प्रत्याशी राकेश चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं। सांसद किशन कपूर बागी तेवरों के साथ हमलावर हैं। सुधीर के खिलाफ चुनाव लड़ चुके किशन कपूर, विशाल नैहरिया, राकेश चौधरी को साधना आसान नहीं होगा। पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी, बीसीसी अध्यक्ष हरभजन सिंह भज्जी व विजय कर्ण टिकट की दौड़ में है 

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गगरेट : इस्तीफों के बाद भितरघात का खतरा
बागी चैतन्य को टिकट देने पर पूर्व विधायक राकेश कालिया समेत मंडल भाजपा, युवा मोर्चा व महिला मोर्चा के कई सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। पूर्व विधायक राजेश ठाकुर की चुप्पी भी संदेहास्पद बनी है। भितरघात की संभावना पार्टी को परेशान कर रही है।

बड़सर : इंद्रदत लखनपाल के लिए दोहरी चुनौती
बड़सर विस क्षेत्र में इंद्रदत लखनपाल के लिए भाजपा में दोहरी चुनौती होगी। यहां पूर्व सीएम धूमल के करीबी पूर्व विधायक बलदेव शर्मा को साधना और भाजपाइयों को एक सूत्र में पिरोना होगा। भाजपा की गुुटबाजी उनके लिए चुनौती बनेगी।  

सुजानपुर : पूर्व प्रत्याशी राणा के सामने भरेंगे हुंकार
उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा के सामने 2022 के प्रतिद्वंद्वी कैप्टन रणजीत राणा ताल ठोकने का दम भर चुके हैं। पूर्व सीएम धूमल समर्थकों और मंडल भाजपा का खुले दिल से साथ पाना उनके लिए चुनौती से कम नहीं होगा। 

लाहौल-स्पीति : इस्तीफों की झड़ी से शीत मरुस्थल गर्म
पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा रवि ठाकुर को टिकट देने पर भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने उपचुनाव लड़ने का एलान भी कर दिया है। कांग्रेस की नजर भी उन पर है। दोनों दलों में इस्तीफों से शीत मरुस्थल सियासी गर्माहट का एहसास करा रहा है। 

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