हिमाचल: पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को ग्राउंड टेस्ट से छूट, ड्यूटी पर मौत होने पर परिवार को एक लाख रुपये
हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती के दौरान होमगार्ड जवानों को शारीरिक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट से छूट देने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। होमगार्ड वेलफेयर फंड से ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार को एक लाख और घायल होने पर 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मार्च तक खाली पद भरने का दावा किया है।
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हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे होमगार्ड जवानों को राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य मंत्रिमंडल ने पुलिस भर्ती के दौरान होमगार्ड जवानों को शारीरिक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही होमगार्ड जवानों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता देने का भी फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित रखने और आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान है। इसके तहत पुलिस कांस्टेबल भर्ती में करीब 15 प्रतिशत पद होमगार्ड श्रेणी के लिए आरक्षित रहते हैं। सामान्य अभ्यर्थियों की तुलना में होमगार्ड जवानों को आयु सीमा में भी राहत दी जाती है।
अब तक भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक मानक परीक्षा के तहत ऊंचाई और छाती की माप कराना अनिवार्य रहा है। वहीं, शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़, ऊंची कूद और लंबी कूद जैसी स्पर्धाएं पूरी करनी पड़ती थीं। होमगार्ड जवानों को भी इन प्रक्रियाओं से गुजरना होता था। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद उन्हें इन परीक्षाओं से छूट देने का रास्ता साफ हुआ है। छूट लागू करने से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया और शर्तें आधिकारिक आदेश में स्पष्ट होंगी।
होमगार्ड जवानों के कल्याण के लिए मंत्रिमंडल ने होमगार्ड वेलफेयर फंड से आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ड्यूटी के दौरान किसी जवान की मौत होने पर उसके परिवार को एक लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। वहीं, ड्यूटी के दौरान घायल होने पर जवान को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इस फैसले का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान जान गंवाने या घायल होने वाले होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत उपलब्ध करवाना है।
मार्च तक खाली पद भरने का मंत्री ने किया दावा
शिमला। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दावा किया है कि राज्य में खाली पदों को अगले तीन से चार महीनों में या मार्च तक भर दिया जाएगा। उनके अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने 14,000 से 15,000 पदों को भरने का फैसला लिया है। उन्होंने इसे रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार के सत्ता में आने के बाद अकेले जलशक्ति विभाग में ही 5,000 पद भरे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में विद्यालय प्रबंधन समिति के शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया गया था। अब कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को भी सीमित सीधी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरकर उन्हें नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।