हिमाचल: चंबा में ठंड से एक की मौत, बर्फबारी से तीन हाईवे बंद, कई इलाके कटे
हिमाचल की चोटियों पर दूसरे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रही। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा और कांगड़ा की ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। चंबा के सलूणी में एक व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई है। व्यास देव (50) पुत्र हरदेव निवासी लवंज का फॉरेस्ट चेक पोस्ट के समीप शव मिला है।
इलाके में बारिश के साथ बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। चंबा के किहार में 30 साल बाद नवंबर में बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रे पर करीब 110 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। मनाली-लेह, औट-सैंज और चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे समेत करीब 50 सड़कें भारी बर्फबारी से बंद हैं।
लाहौल घाटी में बर्फीली हवाएं चलने से लोग घरों में कैद हो गए हैं। खराब मौसम के चलते जनजातीय क्षेत्रों के ऊपरी इलाके देश-दुनिया से कट गए हैं। दर्जनों पर्यटक वाहन, राशन-तेल, सेब और आलू बीज से लटे ट्रक फंसे हुए हैं।
बूढ़ी नागिन मंदिर के कपाट पांच माह के लिए बंद
आनी के सरयोलसर में बर्फबारी के चलते बूढ़ी नागिन मंदिर के कपाट पांच माह के लिए बंद हो गए हैं। भुंतर से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए हवाई उड़ानें भी प्रभावित रहीं।
उधर, मनाली से सटे सोलंगनाला, गुलाबा, कोठी और मढ़ी में बर्फ की चाह में शुक्रवार को सैकड़ों पर्यटक उमड़े और खूब मौज-मस्ती की।
नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी से जनजातीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दो दिन में रोहतांग दर्रे पर 110 सेंटीमीटर, बारालाचा में 130, कुंजुम दर्रा में 80, कोकसर में 50, जिला मुख्यालय केलांग में 15, जलोड़ी दर्रे में 20, सोलंगनाला में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है। लाहौल-स्पीति के कई लोग कुल्लू, मनाली, पतलीकूहल आदि क्षेत्रों में फंसे हैं।
पर्यटन नगरी डलहौजी के लक्कड़मंडी, पौलहाणी माता, जोत, भरमौर, पांगी, तीसा की चोटियों और निचले क्षेत्रों में बर्फबारी ने लोगों को घरों में ही कैद करके रख दिया। कांगड़ा में धौलाधार और बड़ा भंगाल की चोटियों पर बर्फबारी, जबकि निचले कई क्षेत्रों में बारिश हुई है।
कहां कितनी बारिश
डल्हौजी 46
चंबा 41
घुमारवीं 40
मनाली 28
भुंतर 21
कल्पा 16
मंडी 15
धर्मशाला 13
जोगिंद्रनगर 13
सुंदरनगर 11
तापमान न्यूनतम डिग्री सेल्सियस
सुंदरनगर 9.5
भुंतर 8.1
कल्पा 0.7
मनाली 2.4
धर्मशाला 9.8
ऊना 14.0
केलांग -1.9
मंडी 11.2
चंबा 7.4