Himachal News: मणिमहेश यात्रा को प्रसाद योजना में शामिल करने का प्रस्ताव नहीं, केंद्र ने स्पष्ट की स्थिति
चंबा जिले की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को प्रसाद योजना में शामिल करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के विचाराधीन नहीं है। लोकसभा में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के अतारांकित प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को प्रसाद योजना में शामिल करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के विचाराधीन नहीं है। लोकसभा में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के अतारांकित प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों का विकास मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार राज्यों के प्रयासों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता देती है। इनमें प्रसाद, स्वदेश दर्शन एवं स्वदेश दर्शन 2.0 और चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट योजना शामिल हैं। पर्यटन बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्ताव राज्य सरकारों की ओर से तैयार किए जाते हैं। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन संबंधित योजना के दिशा-निर्देशों, निर्धारित शर्तों की पूर्ति और बजट की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है।
चंबा को पहले मिल चुकी है 68.34 करोड़ की मंजूरी
केंद्र सरकार ने चंबा समेत हिमाचल के पर्यटन विकास के लिए पहले भी वित्तीय सहायता दी है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 68.34 करोड़ रुपये की लागत से हिमालयन सर्किट का विकास परियोजना मंजूर की गई थी। इसमें क्यारीघाट, शिमला, हाटकोटी, मनाली, कांगड़ा, धर्मशाला, बीड़, पालमपुर और चंबा को शामिल किया गया था। परियोजना का उद्देश्य इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटन आधारभूत ढांचे को मजबूत करना था।
मणिमहेश यात्रा में 20 डॉक्टर श्रद्धालुओं के लिए रहेंगे तैनात
इस बार मणिमहेश यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग-अलग पड़ावों पर 20 डाॅक्टर, 25 फार्मासिस्ट और 25 चतुर्थ कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सात स्वास्थ्य शिविर यात्रा के दौरान संचालित रहेंगे। इसमें हड़सर, धन्छौ, सुंदरासी, गौरीकुंड और डल झील में लगने वाले शिविरों में एक डाक्टर, एक फार्मासिस्ट और चतुर्थ कर्मचारी तैनात रहेगा। जबकि, भरमाणी और किलाह के शिविरों में फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनकी ड्यूटी 25 अगस्त से शुरू होगी और 20 सितंबर तक रहेगी। हडसर, धनछौह, सुंदरासी, गौरीकुंड व डल झील पर एक सप्ताह की चार शिफ्टें होंगी। जबकि, भरमाणी और किलाह में दो शिफ्टों में ड्यूटी लगेगी। छोटा न्हौण से पहले रक्षाबंधन से पहले स्वास्थ्य कर्मी अलग-अलग पड़ावों पर मोर्चा संभालेंगे। खंड चिकित्सा अधिकारी दिवेश बराल ने बताया कि मणिमहेश यात्रा के लिए डाॅक्टरों और जरूरी स्टाफ के लिए डिमांड उच्च अधिकारी को भेज दी गई है।